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जोशीमठ में भाजपा का दुर्ग ढहा, गोपेश्वर में भी जमाया कब्जा
Updated Tue, 20 Nov 2018 10:48 PM IST
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गोपेश्वर। भाजपा का दुर्ग कही जाने वाली नगर पालिका जोशीमठ इस बार कांग्रेसमयी हो गई। यहां लगातार दो बार भाजपा अध्यक्ष की ताजपोशी हुई। इससे पहले भी इस सीट पर भाजपा काबिज हो चुकी है। इसके बावजूद कांग्रेस के शैलेंद्र पंवार ने 533 मतों से जीत दर्ज की। शैलेंद्र ने 1778 मत प्राप्त किए, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष डिमरी 1245 मत लेकर दूसरे स्थान पर रहे।
नगर पालिका जोशीमठ की स्थापना 1989 मेें हुई थी। तब कांग्रेस के एलएल शाह पहले नगर पालिका अध्यक्ष बने थे। इसके बाद भाजपा और फिर कांग्रेस प्रत्याशी की ताजपोशी हुई। वर्ष 2008 से यहां भाजपा का कब्जा था, लेकिन इस बार जनता ने भाजपा को नकार कर कांग्रेस पर विश्वास जताया है। जोशीमठ क्षेत्र को भाजपा का गढ़ भी माना जाता है। विगत वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को जोशीमठ से ही हार का सामना करना पड़ा था। सभासदों के निर्वाचन में भी कांग्रेस के दो प्रत्याशियों ने यहां जीत दर्ज की है। वार्ड एक गांधीनगर से कांग्रेस की दीपा देवी और वार्ड दो मारवाड़ी से प्रदीप भट्ट ने जीत दर्ज की है। वहीं, गोपेश्वर में भी नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इससे पहले यहां निर्दलीय का कब्जा था। इस बार यहां कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र लाल ने जीत दर्ज की है।
राजेंद्र भंडारी ने बनाया था प्रतिष्ठा का सवाल
गोपेश्वर। नगर पालिका गोपेश्वर और जोशीमठ को पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी ने अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना दिया था। राजेंद्र भंडारी दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए क्षेत्र में ही डटे रहे। राजेंद्र भंडारी का कहना है कि प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों से जनता त्रस्त है। महंगाई से जनता परेशान थी। निकाय चुनाव में जनता के रुख ने वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव की लकीर भी खींच ली है।
नगर पालिका जोशीमठ की स्थापना 1989 मेें हुई थी। तब कांग्रेस के एलएल शाह पहले नगर पालिका अध्यक्ष बने थे। इसके बाद भाजपा और फिर कांग्रेस प्रत्याशी की ताजपोशी हुई। वर्ष 2008 से यहां भाजपा का कब्जा था, लेकिन इस बार जनता ने भाजपा को नकार कर कांग्रेस पर विश्वास जताया है। जोशीमठ क्षेत्र को भाजपा का गढ़ भी माना जाता है। विगत वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को जोशीमठ से ही हार का सामना करना पड़ा था। सभासदों के निर्वाचन में भी कांग्रेस के दो प्रत्याशियों ने यहां जीत दर्ज की है। वार्ड एक गांधीनगर से कांग्रेस की दीपा देवी और वार्ड दो मारवाड़ी से प्रदीप भट्ट ने जीत दर्ज की है। वहीं, गोपेश्वर में भी नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इससे पहले यहां निर्दलीय का कब्जा था। इस बार यहां कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र लाल ने जीत दर्ज की है।
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राजेंद्र भंडारी ने बनाया था प्रतिष्ठा का सवाल
गोपेश्वर। नगर पालिका गोपेश्वर और जोशीमठ को पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी ने अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना दिया था। राजेंद्र भंडारी दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए क्षेत्र में ही डटे रहे। राजेंद्र भंडारी का कहना है कि प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों से जनता त्रस्त है। महंगाई से जनता परेशान थी। निकाय चुनाव में जनता के रुख ने वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव की लकीर भी खींच ली है।
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