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बुग्यालों में घूम सकेंगे सैलानी, वन विभाग ने की योजना तैयार
Updated Sat, 10 Nov 2018 09:53 PM IST
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देवाल। बुग्यालों में सैलानियों के घूमने के लिए अब वन विभाग ने रास्ता खोज निकाला है। विभाग ने बुग्याल भ्रमण के लिए नए चार रूट तय किए हैं, जिनका रात्रि प्रवास बुग्यालों के नीचे वाले जंगलों में चयनित किया गया है। बुग्यालों में रात्रि प्रवास पर हाईकोर्ट के रोक के आदेश के बाद बुग्यालों में पर्यटकों की आवाजाही बंद हो गई थी।
ब्लाक के रूपकुंड, वेदनी, दीदना, होमकुंड सहित कई अन्य बुग्यालों में पर्यटकों की आवाजाही होती है, लेकिन यहां बुग्यालों की सैर करने के लिए न्यूनतम बुग्यालों में तीन रात का विश्राम करना पड़ता है। अगस्त माह में हाईकोर्ट की ओर से बुग्यालों के संरक्षण के लिए बुग्यालों में रात्रि प्रवास पर रोक लगा दी थी। इसके बाद ब्लाक के सभी बुग्यालों में पर्यटक आवाजाही बंद हो गई थी। ऐसे में वन विभाग ने अब बुग्यालों में रात्रि विश्राम नहीं करा कर बुग्यालों के ठीक नीचे जंगलों में पर्यटकों के रात्रि विश्राम का रास्ता निकाला है। विभाग ने भींकलताल, ब्रह्मताल, बगजी और वेदनी बुग्याल घूमने के लिए यहां अभी चार रूट बनाए हैं, जिससे पर्यटक एक ही दिन में बुग्यालों का भ्रमण कर वापस संबंधित चयनित स्थान पर आ सकते हैं।
ये हैं रूट
देवाल। भींकलताल और ब्रह्मताल जाने के लिए वन विभाग ने लोहाजंग-भींकलताल-ब्रह्मताल-तिलपुड़ी-वांण कुल 23 किलोमीटर तय किया गया है। इस रूट पर खुबडोलिया और कुनाड़ी में रात्रि विश्राम किया जा सकता है। वहीं दूसरा रूट लोहाजंग-वांण-गैरोली-वेदनी 27 किलोमीटर है। इसका रात्रि विश्राम स्थल गैरोली है। विभाग ने तीसरा लोहाजंग-दीदना-आली-वेदनी कुल 15 किलोमीटर है, जिसका रात्रि विश्राम अवनखरीकक को चयनित किया गया है, जबकि चौथा रूट घेस-बगजी बुग्याल कुल 8 किलोमीटर है। इसका रात्रि विश्राम स्थल दियालखेत को बनाया गया है।
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कोट
बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक लगने से पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हो गया था। विभाग से वैकल्पिक रूट तैयार करने की मांग व्यवसायी लगातार कर रहे थे। हालांकि इन नए चार रूटों पर भी रूपकुंड जाने की किसी को परमीशन नहीं है, लेकिन भींकलताल, ब्रह्मताल, बगजी और वेदनी पर्यटकों के लिए खोले गए हैं। विभाग की ओर से बुग्याल से नीचे जंगल में रात्रि विश्राम की अनुमति दे दी गई है। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। - एनएन पांडे, डीएफओ बदरीनाथ वन प्रभाग, चमोली।
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देवाल। बुग्यालों में सैलानियों के घूमने के लिए अब वन विभाग ने रास्ता खोज निकाला है। विभाग ने बुग्याल भ्रमण के लिए नए चार रूट तय किए हैं, जिनका रात्रि प्रवास बुग्यालों के नीचे वाले जंगलों में चयनित किया गया है। बुग्यालों में रात्रि प्रवास पर हाईकोर्ट के रोक के आदेश के बाद बुग्यालों में पर्यटकों की आवाजाही बंद हो गई थी।
ब्लाक के रूपकुंड, वेदनी, दीदना, होमकुंड सहित कई अन्य बुग्यालों में पर्यटकों की आवाजाही होती है, लेकिन यहां बुग्यालों की सैर करने के लिए न्यूनतम बुग्यालों में तीन रात का विश्राम करना पड़ता है। अगस्त माह में हाईकोर्ट की ओर से बुग्यालों के संरक्षण के लिए बुग्यालों में रात्रि प्रवास पर रोक लगा दी थी। इसके बाद ब्लाक के सभी बुग्यालों में पर्यटक आवाजाही बंद हो गई थी। ऐसे में वन विभाग ने अब बुग्यालों में रात्रि विश्राम नहीं करा कर बुग्यालों के ठीक नीचे जंगलों में पर्यटकों के रात्रि विश्राम का रास्ता निकाला है। विभाग ने भींकलताल, ब्रह्मताल, बगजी और वेदनी बुग्याल घूमने के लिए यहां अभी चार रूट बनाए हैं, जिससे पर्यटक एक ही दिन में बुग्यालों का भ्रमण कर वापस संबंधित चयनित स्थान पर आ सकते हैं।
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ये हैं रूट
देवाल। भींकलताल और ब्रह्मताल जाने के लिए वन विभाग ने लोहाजंग-भींकलताल-ब्रह्मताल-तिलपुड़ी-वांण कुल 23 किलोमीटर तय किया गया है। इस रूट पर खुबडोलिया और कुनाड़ी में रात्रि विश्राम किया जा सकता है। वहीं दूसरा रूट लोहाजंग-वांण-गैरोली-वेदनी 27 किलोमीटर है। इसका रात्रि विश्राम स्थल गैरोली है। विभाग ने तीसरा लोहाजंग-दीदना-आली-वेदनी कुल 15 किलोमीटर है, जिसका रात्रि विश्राम अवनखरीकक को चयनित किया गया है, जबकि चौथा रूट घेस-बगजी बुग्याल कुल 8 किलोमीटर है। इसका रात्रि विश्राम स्थल दियालखेत को बनाया गया है।
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बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक लगने से पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हो गया था। विभाग से वैकल्पिक रूट तैयार करने की मांग व्यवसायी लगातार कर रहे थे। हालांकि इन नए चार रूटों पर भी रूपकुंड जाने की किसी को परमीशन नहीं है, लेकिन भींकलताल, ब्रह्मताल, बगजी और वेदनी पर्यटकों के लिए खोले गए हैं। विभाग की ओर से बुग्याल से नीचे जंगल में रात्रि विश्राम की अनुमति दे दी गई है। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। - एनएन पांडे, डीएफओ बदरीनाथ वन प्रभाग, चमोली।