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ग्यारह सालों में भी वाहनों के संचालन लायक नहीं बन पाया गोपेश्वर बाईपास मार्ग
Updated Sat, 15 Sep 2018 10:40 PM IST
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गोपेश्वर। यात्राकाल के दौरान जाम से निजात दिलाने के लिए लोनिवि की ओर से बनाया गया तीन किमी गोपेश्वर बाईपास मार्ग आज तक वाहनों की आवाजाही लायक नहीं बन पाया है। मार्ग भू-धंसाव और भूस्खलन से कई जगहों पर खतरनाक बन गया है।
शासन ने वर्ष 2007 में लीसा फैक्ट्री-जीरोबैंड बाईपास मार्ग को स्वीकृति दी, लेकिन ग्यारह सालों में भी यह मार्ग वाहनों की आवाजाही लायक नहीं बन पाया है। सड़क पर ड्रैनेज की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे सड़क पर कई जगहों पर भूस्खलन और भू-धंसाव हो रहा है। पूर्व सांसद प्रतिनिधि विकास जुगरान, पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित, महेंद्र सिंह और सुरेंद्र रावत का कहना कि गोपेश्वर बाईपास मार्ग के निर्माण में सरकारी धन का खुलेआम दुरुपयोग किया गया है। यदि इस सड़क को वाहनों के संचालन के लिए सुचारु किया जाता है तो लोगों को नगर में जाम की स्थिति से नहीं जूझना पड़ता। लोनिवि के अधिशासी अभियंता धन सिंह रावत का कहना है कि आईआईटी रुड़की के सुझाव पर बाईपास मार्ग के खतरनाक जगहों का सुधारीकरण कार्य करवाया जा रहा है। आगामी नवंबर माह तक मार्ग का सुधारीकरण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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शासन ने वर्ष 2007 में लीसा फैक्ट्री-जीरोबैंड बाईपास मार्ग को स्वीकृति दी, लेकिन ग्यारह सालों में भी यह मार्ग वाहनों की आवाजाही लायक नहीं बन पाया है। सड़क पर ड्रैनेज की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे सड़क पर कई जगहों पर भूस्खलन और भू-धंसाव हो रहा है। पूर्व सांसद प्रतिनिधि विकास जुगरान, पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित, महेंद्र सिंह और सुरेंद्र रावत का कहना कि गोपेश्वर बाईपास मार्ग के निर्माण में सरकारी धन का खुलेआम दुरुपयोग किया गया है। यदि इस सड़क को वाहनों के संचालन के लिए सुचारु किया जाता है तो लोगों को नगर में जाम की स्थिति से नहीं जूझना पड़ता। लोनिवि के अधिशासी अभियंता धन सिंह रावत का कहना है कि आईआईटी रुड़की के सुझाव पर बाईपास मार्ग के खतरनाक जगहों का सुधारीकरण कार्य करवाया जा रहा है। आगामी नवंबर माह तक मार्ग का सुधारीकरण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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