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भारी बारिश में भरभराकर गिरा पांडाल, बाल-बाल बचे स्कूली बच्चे
Updated Tue, 04 Sep 2018 10:48 PM IST
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गोपेश्वर। पुलिस की ओर से आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम पर भारी बारिश ने पानी फेर दिया। यहां पंडाल लगाकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। बच्चे यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दे रहे थे लेकिन बारिश के कारण पंडाल ही गिर गया। आसपास के लोगों ने तुरंत पंडाल पकड़ लिया और बच्चे सुरक्षित बच गए। एक घंटे तक यहां अफरातफरी मची रही और कुछ लोग चोटिल भी हो गए। रात ग्यारह बजे बारिश थमने के बाद आनन-फानन में पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट और अन्य पुलिस अधिकारियों ने कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा संपन्न की।
सोमवार को पुलिस मैदान में शाम साढ़े सात बजे से कृष्ण जन्माष्टमी का सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुआ। चार विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुति देने के बाद रात आठ बजे अक्षत नाटक संस्था के कलाकार कार्यक्रमों की प्रस्तुति दे रहे थे कि अचानक तेज बारिश के कारण पंडाल नीचे गिर गया। आसपास खड़े लोगों ने तुरंत पंडाल और किनारे लगे डंडों को पकड़ लिया और बच्चे सुरक्षित वहां से निकल गए। जिले के सभी थानों की ओर से श्रीकृष्ण की झांकियां भी तैयार की गई थीं, लेकिन बारिश से सभी झांकियां भी जलमग्न हो गईं। करीब एक घंटे तक स्कूली बच्चों और अभिभावकों में अफरातफरी मची रही। लोगों का कहना है कि मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश के अलर्ट के बावजूद कार्यक्रम देर से शुरू कराए गए, जिससे दिक्कतें झेलनी पड़ीं। कार्यक्रम शाम पांच बजे से शुरू कर देना चाहिए था।
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सोमवार को पुलिस मैदान में शाम साढ़े सात बजे से कृष्ण जन्माष्टमी का सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुआ। चार विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुति देने के बाद रात आठ बजे अक्षत नाटक संस्था के कलाकार कार्यक्रमों की प्रस्तुति दे रहे थे कि अचानक तेज बारिश के कारण पंडाल नीचे गिर गया। आसपास खड़े लोगों ने तुरंत पंडाल और किनारे लगे डंडों को पकड़ लिया और बच्चे सुरक्षित वहां से निकल गए। जिले के सभी थानों की ओर से श्रीकृष्ण की झांकियां भी तैयार की गई थीं, लेकिन बारिश से सभी झांकियां भी जलमग्न हो गईं। करीब एक घंटे तक स्कूली बच्चों और अभिभावकों में अफरातफरी मची रही। लोगों का कहना है कि मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश के अलर्ट के बावजूद कार्यक्रम देर से शुरू कराए गए, जिससे दिक्कतें झेलनी पड़ीं। कार्यक्रम शाम पांच बजे से शुरू कर देना चाहिए था।
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