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डिडोली गांव में खतरा बरकरार, ग्रामीण कर रहे हैं रतजगा-compat
Updated Sun, 02 Sep 2018 10:36 PM IST
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कर्णप्रयाग। पोखरी ब्लाक के डिडोली गांव में रुक-रुककर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के कारण ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं। पांच अगस्त को भूस्खलन के कारण गांव में भारी नुकसान हुआ था। ऐसे में गांव के 14 परिवार हल्की बारिश होने पर भी सहम जाते हैं। ग्रामीणों ने गांव में सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।
रमेश चंद्र खाली, जगदीश प्रसाद खाली, महानंद खाली, विनोद प्रसाद, प्रकाश खाली, विशंभर दत्त, चिंतामणि, कुशलानंद, दीपक पुरोहित, रणजीत कुमार, कुंदीलाल आदि ने बताया कि पांच अगस्त को भारी बारिश से गांव के ऊपर भूस्खलन हो गया था और निर्माणाधीन सड़क जिलासू-उत्तरों-मासों का पूरा मलबा गांव में आ गया था। मलबे से कई मकान क्षतिग्रस्त हुए और गांव में लगी चक्की सहित गोशालाएं भी टूट गईं। ग्रामीणों ने बताया कि तब से रुक-रुककर पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है। ऐसे में लोनिवि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा कार्य भी नहीं कर पा रहा है। गांव में हल्की बारिश में ही पानी और मलबा आ रहा है। ग्रामीणों ने जल्द गांवों में सुरक्षा उपाय करने की मांग की। दूसरी ओर लोनिवि पोखरी के अधिशासी अभियंता राजेश चंद्र का कहना है कि डिडोली गांव के ऊपर हो रहे भूस्खलन वाली पहाड़ी का भूगर्भीय सर्वे किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद स्थायी सुरक्षा प्रबंध कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही गांव की सुरक्षा दीवार, कलवर्ट और नालियां बनाने के लिए सात लाख का इस्टीमेट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। धनराशि जारी होने पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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रमेश चंद्र खाली, जगदीश प्रसाद खाली, महानंद खाली, विनोद प्रसाद, प्रकाश खाली, विशंभर दत्त, चिंतामणि, कुशलानंद, दीपक पुरोहित, रणजीत कुमार, कुंदीलाल आदि ने बताया कि पांच अगस्त को भारी बारिश से गांव के ऊपर भूस्खलन हो गया था और निर्माणाधीन सड़क जिलासू-उत्तरों-मासों का पूरा मलबा गांव में आ गया था। मलबे से कई मकान क्षतिग्रस्त हुए और गांव में लगी चक्की सहित गोशालाएं भी टूट गईं। ग्रामीणों ने बताया कि तब से रुक-रुककर पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है। ऐसे में लोनिवि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा कार्य भी नहीं कर पा रहा है। गांव में हल्की बारिश में ही पानी और मलबा आ रहा है। ग्रामीणों ने जल्द गांवों में सुरक्षा उपाय करने की मांग की। दूसरी ओर लोनिवि पोखरी के अधिशासी अभियंता राजेश चंद्र का कहना है कि डिडोली गांव के ऊपर हो रहे भूस्खलन वाली पहाड़ी का भूगर्भीय सर्वे किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद स्थायी सुरक्षा प्रबंध कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही गांव की सुरक्षा दीवार, कलवर्ट और नालियां बनाने के लिए सात लाख का इस्टीमेट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। धनराशि जारी होने पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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