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किराया बढ़ोतरी के विरोध में आरटीओ को भेजा ज्ञापन
Updated Thu, 30 Aug 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की सहमति के बिना ही तिपहिया वाहन चालक यूनियन ने मन मुताबिक किराया बढ़ोतरी कर रही हैं और चालक सवारियों से बढ़े हुए किराए को जोर जबरदस्ती वसूल कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता पूर्णानंद रयाल ने संभागीय परिवहन विभाग से नगर क्षेत्र के अंतर्गत संचालित होने वाले तिपहिया वाहन चालकों की मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग की है। संभागीय परिवहन अधिकारी को प्रेषित ज्ञापन में उन्होंने बताया कि नगर क्षेत्र में संचालित होने वाले तिपहिया वाहन चालकों की मनमानी से स्थानीय जनता परेशान है। बैराज मार्ग पर संचालित होने वाले तिपहिया वाहनों का पूर्व में न्यूनतम किराया सात रुपये निर्धारित था।
शहर से एम्स के गेट तीन तक का किराया सात रुपये प्रति व्यक्ति और सीमा डेंटल कॉलेज तक का किराया 10 रुपये प्रतिव्यक्ति लिया जाता था, मगर अब एसटीए और संभागीय परिवहन विभाग की स्वीकृति के बिना ही लोगों से सात रुपये के स्थान पर 10 रुपये और 10 की जगह 12 रुपये वसूला जाने लगा है।
इसी तरह नगर से ढालवाला तक का किराया सात रुपये के स्थान पर 10 रुपये प्रतिव्यक्ति वसूला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यात्रियों द्वारा इसका विरोध करने पर तिपहिया वाहन चालक बदसलूकी पर उतर आते हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी वाहन में समक्ष अधिकारी द्वारा जारी किराए सूची चस्पा नहीं की गई है, उन्होंने इसे नियमों की अनदेखी बताया। आरोप है कि इस बाबत संभागीय परिवहन विभाग भी लापरवाह बना हुआ है, जिसके कारण आम जनता के साथ लूट हो रही है।
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शहर से एम्स के गेट तीन तक का किराया सात रुपये प्रति व्यक्ति और सीमा डेंटल कॉलेज तक का किराया 10 रुपये प्रतिव्यक्ति लिया जाता था, मगर अब एसटीए और संभागीय परिवहन विभाग की स्वीकृति के बिना ही लोगों से सात रुपये के स्थान पर 10 रुपये और 10 की जगह 12 रुपये वसूला जाने लगा है।
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इसी तरह नगर से ढालवाला तक का किराया सात रुपये के स्थान पर 10 रुपये प्रतिव्यक्ति वसूला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यात्रियों द्वारा इसका विरोध करने पर तिपहिया वाहन चालक बदसलूकी पर उतर आते हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी वाहन में समक्ष अधिकारी द्वारा जारी किराए सूची चस्पा नहीं की गई है, उन्होंने इसे नियमों की अनदेखी बताया। आरोप है कि इस बाबत संभागीय परिवहन विभाग भी लापरवाह बना हुआ है, जिसके कारण आम जनता के साथ लूट हो रही है।
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