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पर्यावरणीय पहलूओं को ध्यान में रखकर बनें पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना
Updated Wed, 01 Aug 2018 10:42 PM IST
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पीपलकोटी। केंद्र सरकार की वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से गठित अनुशासनात्मक समिति की टीम ने विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का निरीक्षण किया। टीम का नेतृत्व कर रहे उत्तराखंड के मुख्य वन संरक्षक जयराज ने कहा कि जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। परियोजना स्थल के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में मिट्टी संरक्षण, वन्य जीव और पारिस्थितिकी को ध्यान में रखकर निर्माण कार्य किए जाएं। इसके बाद अनुशासनात्मक समिति के सदस्यों और टीएचडीसी के अधिकारियों की परियोजना के सभागार में बैठक भी हुई।
अनुशासनात्मक समिति के अध्यक्ष जयराज ने कहा कि यह परियोजना राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण है। पर्यावरणीय प्रबंधन के लिए टीएचडीसी और राज्य वन विभाग की संयुक्त पहल पर कार्य किए जाएंगे। परियोजना महाप्रबंधक यूके सक्सेना ने कहा कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। इस मौके पर नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व के निदेशक मान सिंह, टीएचडीसी के उपमहाप्रबंधक (पर्यावरण) गजेंद्र सिंह, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर, डीएफओ एनएन पांडेय, एसपी सिंह, डा. एमसी कटियार, केएस रावत, भुवन चंद्र, मान सिंह और जीके रस्तोगी आदि मौजूद थे।
अनुशासनात्मक समिति के अध्यक्ष जयराज ने कहा कि यह परियोजना राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण है। पर्यावरणीय प्रबंधन के लिए टीएचडीसी और राज्य वन विभाग की संयुक्त पहल पर कार्य किए जाएंगे। परियोजना महाप्रबंधक यूके सक्सेना ने कहा कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। इस मौके पर नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व के निदेशक मान सिंह, टीएचडीसी के उपमहाप्रबंधक (पर्यावरण) गजेंद्र सिंह, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर, डीएफओ एनएन पांडेय, एसपी सिंह, डा. एमसी कटियार, केएस रावत, भुवन चंद्र, मान सिंह और जीके रस्तोगी आदि मौजूद थे।
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