{"_id":"5b58e38e4f1c1bee748b6000","slug":"15325520731514-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुलदार ने 14 बकरियों को बनाया निवाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुलदार ने 14 बकरियों को बनाया निवाला
Updated Thu, 26 Jul 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/चकराता।
वन प्रभाग अंतर्गत सणोऊ गांव में गुलदार ने हमला कर 14 बकरियों को मार गिराया। गुलदार के हमले से पशुपालकों में दहशत का माहौल है। उन्हें पशुधन की चिंता सता रही है। वहीं पीड़ित ने वन विभाग से मुआवजे की गुहार लगाई है।
बीते मंगलवार की शाम को गांव निवासी जगत सिंह अपनी बकरियों को चराने के लिए गांव के पास ही स्थित सिलोड़ी डांडा स्थित जंगल में ले गए थे। इस दौरान वहां घात लगाकर बैठे गुलदार ने बकरियों पर हमला बोल दिया। बकरियों की आवाज सुन आसपास मौजूद पशुपालक और ग्रामीण जंगल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों को आता देख गुलदार घने की जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ।
पीड़ित पशुपालक जगत सिंह का कहना है कि बीते कई दिन से गांव और आसपास के इलाकों में गुलदार की देखा गया है। जिसकी शिकायत उन्होंने वन कर्मियों से की थी, लेकिन शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिसका खामियाजा उन्हें बकरियों की जान से हाथ धोकर चुकाना पड़ा। कहा बकरी पालन ही उसकी आजीविका का एकमात्र साधन है। बकरियों की मौत से उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। सणोऊ के साथ ही थणता जोगियों गांव में भी गुलदार का आतंक बना हुआ है। ग्रामीणों को रात भर जाग पशुधन की रक्षा करनी पड़ रही है। उधर, डीएफओ दीप चंद आर्य ने बताया कि संबंधित रेंजाधिकारी को क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पीड़ित को विभागीय नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
वन प्रभाग अंतर्गत सणोऊ गांव में गुलदार ने हमला कर 14 बकरियों को मार गिराया। गुलदार के हमले से पशुपालकों में दहशत का माहौल है। उन्हें पशुधन की चिंता सता रही है। वहीं पीड़ित ने वन विभाग से मुआवजे की गुहार लगाई है।
बीते मंगलवार की शाम को गांव निवासी जगत सिंह अपनी बकरियों को चराने के लिए गांव के पास ही स्थित सिलोड़ी डांडा स्थित जंगल में ले गए थे। इस दौरान वहां घात लगाकर बैठे गुलदार ने बकरियों पर हमला बोल दिया। बकरियों की आवाज सुन आसपास मौजूद पशुपालक और ग्रामीण जंगल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों को आता देख गुलदार घने की जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ।
विज्ञापन
पीड़ित पशुपालक जगत सिंह का कहना है कि बीते कई दिन से गांव और आसपास के इलाकों में गुलदार की देखा गया है। जिसकी शिकायत उन्होंने वन कर्मियों से की थी, लेकिन शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिसका खामियाजा उन्हें बकरियों की जान से हाथ धोकर चुकाना पड़ा। कहा बकरी पालन ही उसकी आजीविका का एकमात्र साधन है। बकरियों की मौत से उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। सणोऊ के साथ ही थणता जोगियों गांव में भी गुलदार का आतंक बना हुआ है। ग्रामीणों को रात भर जाग पशुधन की रक्षा करनी पड़ रही है। उधर, डीएफओ दीप चंद आर्य ने बताया कि संबंधित रेंजाधिकारी को क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पीड़ित को विभागीय नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन