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ग्राम प्रधानों ने किया बीडीसी बैठक का बहिष्कार
Updated Thu, 19 Jul 2018 10:56 PM IST
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श्रीनगर। ग्राम पंचायतों द्वारा किए जा रहे कार्यों की एसआईटी जांच व सोशल ऑडिट के विरोध में ग्राम प्रधानों ने बीडीसी बैठक का बहिष्कार किया। प्रधानों का कहना था कि एसआईटी जांच केवल ग्राम पंचायतों की ही नहीं बल्कि अन्य विभागों की भी की जाए। ब्लाक प्रमुख सुषमा नेगी ने भी ग्राम प्रधानों को समर्थन दिया, जिसके बाद बैठक स्थगित कर दी गई।
बृहस्पतिवार को खिर्सू विकासखंड मुख्यालय सभागार में ब्लाक प्रमुख सुषमा नेगी की अध्यक्षता में बीडीसी बैठक आयोजित की गई। बैठक में मौजूद ग्राम प्रधानों ने काबीना मंत्री अरविंद पांडे के ग्राम पंचायतों द्वारा किए जा रहे कार्यों की एसआईटी जांच व सोशल ऑडिट संबंधी बयान के विरोध में बैठक का बहिष्कार किया। ग्राम प्रधानों का कहना था कि केवल ग्राम पंचायतों की एसआईटी जांच संबंधी बयान तर्क संगत नहीं है। ग्राम पंचायतों के साथ ही सभी विभागों की एसआईटी जांच की जानी चाहिए। इसके अलावा ग्राम प्रधानों ने मनरेगा का भुगतान न किए जाने, विकासखंड मुख्यालय में पेयजल उपलब्ध न होने, शौचालयों की सफाई न होने तथा विकासखंड मुख्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों के नदारद रहने पर भी कड़ा आक्रोश जताया। ब्लाक प्रमुख सुषमा नेगी ग्राम प्रधानों का समर्थन किया, जिसके चलते बीडीसी बैठक स्थगित कर दी गई।
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बृहस्पतिवार को खिर्सू विकासखंड मुख्यालय सभागार में ब्लाक प्रमुख सुषमा नेगी की अध्यक्षता में बीडीसी बैठक आयोजित की गई। बैठक में मौजूद ग्राम प्रधानों ने काबीना मंत्री अरविंद पांडे के ग्राम पंचायतों द्वारा किए जा रहे कार्यों की एसआईटी जांच व सोशल ऑडिट संबंधी बयान के विरोध में बैठक का बहिष्कार किया। ग्राम प्रधानों का कहना था कि केवल ग्राम पंचायतों की एसआईटी जांच संबंधी बयान तर्क संगत नहीं है। ग्राम पंचायतों के साथ ही सभी विभागों की एसआईटी जांच की जानी चाहिए। इसके अलावा ग्राम प्रधानों ने मनरेगा का भुगतान न किए जाने, विकासखंड मुख्यालय में पेयजल उपलब्ध न होने, शौचालयों की सफाई न होने तथा विकासखंड मुख्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों के नदारद रहने पर भी कड़ा आक्रोश जताया। ब्लाक प्रमुख सुषमा नेगी ग्राम प्रधानों का समर्थन किया, जिसके चलते बीडीसी बैठक स्थगित कर दी गई।
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