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फूलों की घाटी से पॉलीगोनम हटाने का काम शुरु
Updated Wed, 04 Jul 2018 10:44 PM IST
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जोशीमठ। फूलों की घाटी में रंग-बिरंगे फूलों का दुश्मन बने पॉलीगोनम के उन्मूलन के लिए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की ओर से अभियान शुरू किया गया है। घाटी में फूलों के लिए नासूर बने पॉलीगोनम को उखाड़ने पर अभी तक पार्क प्रशासन लाखों रुपये खर्च कर चुका है।
समुद्र तल से 3658 मीटर की ऊंचाई पर स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी में खिलने वाला फूल पॉलीगोनम विगत एक दशक से घाटी में खिलने वाले अन्य फूलों को पनपने नहीं दे रहा है। करीब 87.5 वर्ग किमी में फैली फूलों की घाटी में पॉलीगोनम करीब 15 हेक्टेयर हिस्से में अपने पांव पसार चुका है। साथ ही यह फूलों की घाटी की जैव विविधता के लिए भी बड़ा खतरा बन चुका है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के एसडीओ टीएस र्साइं का कहना है कि फूलों की घाटी से पॉलीगोनम हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। काफी हद तक इसको हटा लिया गया है। वहीं, राजकीय महाविद्यालय जोशीमठ के वनस्पति विज्ञानी डा. विनय नौटियाल ने बताया कि पॉलीगोनम खरपतवार जाति का पौधा है, जो तेजी से फैलता है। जुलाई व अगस्त में पनपने वाला यह पौधा अपने इर्द-गिर्द किसी अन्य फूल व घास की प्रजाति को खिलने नहीं देता है। लिहाजा इसके उन्मूलन के लिए इसे जड़ से हटाना पड़ता है, जिससे इसका दायरा न बढ़ सके।
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समुद्र तल से 3658 मीटर की ऊंचाई पर स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी में खिलने वाला फूल पॉलीगोनम विगत एक दशक से घाटी में खिलने वाले अन्य फूलों को पनपने नहीं दे रहा है। करीब 87.5 वर्ग किमी में फैली फूलों की घाटी में पॉलीगोनम करीब 15 हेक्टेयर हिस्से में अपने पांव पसार चुका है। साथ ही यह फूलों की घाटी की जैव विविधता के लिए भी बड़ा खतरा बन चुका है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के एसडीओ टीएस र्साइं का कहना है कि फूलों की घाटी से पॉलीगोनम हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। काफी हद तक इसको हटा लिया गया है। वहीं, राजकीय महाविद्यालय जोशीमठ के वनस्पति विज्ञानी डा. विनय नौटियाल ने बताया कि पॉलीगोनम खरपतवार जाति का पौधा है, जो तेजी से फैलता है। जुलाई व अगस्त में पनपने वाला यह पौधा अपने इर्द-गिर्द किसी अन्य फूल व घास की प्रजाति को खिलने नहीं देता है। लिहाजा इसके उन्मूलन के लिए इसे जड़ से हटाना पड़ता है, जिससे इसका दायरा न बढ़ सके।
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