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योग से चिंता और तनाव से मुक्ति संभव
Updated Thu, 21 Jun 2018 02:40 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
ऋषिकेश। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि योग जीवनशैली को बदलने और चेतना उत्पन्न करने के साथ ही जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने में मदद कर सकता है। उन्होंने योग को चिंता और तनाव से मुक्ति में कारगर माध्यम बताया।
प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए निशंक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था। उन्होंने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी देश के प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्रसंघ ने महज 90 दिनों में ही लागू कर दिया गया हो। यह मोदी जी का प्रभाव और योग की महत्ता को देखते हुए किया गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर भारत की हजारों वर्ष पुरानी जीवनशैली योग के महत्व को स्वीकार किया और दुनियाभर में लोगों को निरोग रहने के लिए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया। योग में सांस तकनीक, ध्यान क्रिया और साधारण व्यायाम करने से ही व्यक्ति स्वस्थ और प्रसन्न रह सकता है।
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ऋषिकेश। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि योग जीवनशैली को बदलने और चेतना उत्पन्न करने के साथ ही जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने में मदद कर सकता है। उन्होंने योग को चिंता और तनाव से मुक्ति में कारगर माध्यम बताया।
प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए निशंक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था। उन्होंने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी देश के प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्रसंघ ने महज 90 दिनों में ही लागू कर दिया गया हो। यह मोदी जी का प्रभाव और योग की महत्ता को देखते हुए किया गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर भारत की हजारों वर्ष पुरानी जीवनशैली योग के महत्व को स्वीकार किया और दुनियाभर में लोगों को निरोग रहने के लिए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया। योग में सांस तकनीक, ध्यान क्रिया और साधारण व्यायाम करने से ही व्यक्ति स्वस्थ और प्रसन्न रह सकता है।
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