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मूल्यांकन में गड़बड़ी पर भड़के छात्र, कुलपति सहित अधिकारियों का किया घेराव
Updated Tue, 22 May 2018 11:00 PM IST
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श्रीनगर। सेमेस्टर व इंटरनल परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन किए जाने की मांग के लिए छात्रों ने कुलपति सहित अन्य अधिकारियों का घेराव किया। इस दौरान छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। बाद में विवि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कमेटी गठित करने के साथ ही दोबारा उत्तर पुस्तिकाएं जांच कराने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद छात्र शांत हुए।
मंगलवार को बिड़ला परिसर के छात्र बड़ी संख्या में विवि के प्रशासनिक भवन पहुंचे। यहां छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का आरोप था, कि सेमेस्टर व इंटरनल परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में भारी गड़बड़ी की गई है, जिससे 70 फीसदी से अधिक छात्र फेल हो गए हैं। छात्र संघ अध्यक्ष प्रदीप पंवार, अभाविप के सुधीर जोशी, देवकांत, प्रदीप रावत, नीरज, अतुल सती व प्रवीण भंडारी ने कहा कि विवि प्रशासन मूल्यांकन संविदा शिक्षकों से करवा रहा है। एक शिक्षक को एक सप्ताह के भीतर एक हजार से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं जांचने को दी जाती हैं। छात्रों ने शिक्षकों पर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। दोबारा उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पर विवि प्रशासन ने असमर्थता जताई, जिस पर छात्रों ने कड़ा विरोध जताया। छात्रों के आक्रोश को देखते हुए विवि प्रशासन ने इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक प्रो. आरसी भट्ट के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया, जिसमें नियंता प्रो. अरुण बहुगुणा, प्रो. एसएस रावत व उपकुलसचिव एचएम अरोड़ा सदस्य बनाए गए। साथ ही छात्रों को लिखित आश्वासन दिया गया कि उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन कराया जाएगा। इसके लिए छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, जिन छात्रों को इस संबंध में शिकायत है वह 28 मई तक आवेदन कर सकते हैं। वहीं विवि ने प्रशासन ने ऑन लाइन ग्रेवांस पोर्टल तैयार करने का आश्वासन दिया है। जिस पर छात्र अपनी शिकायत ऑन लाइन दर्ज कर सकते हैं।
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मंगलवार को बिड़ला परिसर के छात्र बड़ी संख्या में विवि के प्रशासनिक भवन पहुंचे। यहां छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का आरोप था, कि सेमेस्टर व इंटरनल परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में भारी गड़बड़ी की गई है, जिससे 70 फीसदी से अधिक छात्र फेल हो गए हैं। छात्र संघ अध्यक्ष प्रदीप पंवार, अभाविप के सुधीर जोशी, देवकांत, प्रदीप रावत, नीरज, अतुल सती व प्रवीण भंडारी ने कहा कि विवि प्रशासन मूल्यांकन संविदा शिक्षकों से करवा रहा है। एक शिक्षक को एक सप्ताह के भीतर एक हजार से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं जांचने को दी जाती हैं। छात्रों ने शिक्षकों पर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। दोबारा उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पर विवि प्रशासन ने असमर्थता जताई, जिस पर छात्रों ने कड़ा विरोध जताया। छात्रों के आक्रोश को देखते हुए विवि प्रशासन ने इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक प्रो. आरसी भट्ट के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया, जिसमें नियंता प्रो. अरुण बहुगुणा, प्रो. एसएस रावत व उपकुलसचिव एचएम अरोड़ा सदस्य बनाए गए। साथ ही छात्रों को लिखित आश्वासन दिया गया कि उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन कराया जाएगा। इसके लिए छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, जिन छात्रों को इस संबंध में शिकायत है वह 28 मई तक आवेदन कर सकते हैं। वहीं विवि ने प्रशासन ने ऑन लाइन ग्रेवांस पोर्टल तैयार करने का आश्वासन दिया है। जिस पर छात्र अपनी शिकायत ऑन लाइन दर्ज कर सकते हैं।
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