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दुर्लभ जड़ी-बूटियों से महक रहा पुलिस का हर्बल गार्डन-compat
Updated Tue, 01 May 2018 11:08 PM IST
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गोपेश्वर। चमोली जिला पुलिस कानून और शांति व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण, खेती और स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित कर रही है। इसी उद्देश्य को लेकर नगर क्षेत्र में हर्बल गार्डन विकसित किया गया है। इस गार्डन में 62 प्रकार की जड़ी-बूटियां उगाई गई हैं।
जिला पुलिस की ओर से पिछले वर्ष राज्य स्थापना दिवस के मौके पर इस गार्डन का शुभारंभ किया गया था। अब यह गार्डन दुर्लभ जड़ी बूटियों से महक रहा है। गार्डन में थुनेर, तुलसी, कुटकी, रोजमेरी, काशनी, सूरजमुखी, कालमेघ, अजवाइन, तिलपुष्पी, पुदीना, हल्दी, आंवला, मकोई, बहेड़ा, अश्वगंधा, लेमनग्रास, जंबु फरण, सतावर, वन तुलसी, पीप्पली, अजमोद, लेवेंडर, कड़ी पत्ता, इसबगोल, केशर, वकायन, स्वीविया, पत्थरचट्टा, राम तुलसी, श्याम तुलसी, लेमन तुलसी, नीम व पुत्र जीवक बीज के पौधे उगाए गए हैं।
गार्डन की देखरेख कर रहे पुलिस कांस्टेबल अनूप मैठाणी का कहना है कि हर्बल गार्डन में उगाई जा रही जड़ी-बूटियों में कई जड़ी-बूटी दुर्लभ हैं। थुनेर कैंसर की दवाई बनाने के काम आता है, जबकि अर्जुन के पेड़ की छाल हृदय रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी है। गार्डन को और विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट का कहना है कि गार्डन स्थापित करने का उद्देश्य आम लोगों को जड़ी-बूटी की खेती से जोड़ना है। गार्डन से बंजर पड़ी भूमि का सदुपयोग भी हो रहा है।
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जिला पुलिस की ओर से पिछले वर्ष राज्य स्थापना दिवस के मौके पर इस गार्डन का शुभारंभ किया गया था। अब यह गार्डन दुर्लभ जड़ी बूटियों से महक रहा है। गार्डन में थुनेर, तुलसी, कुटकी, रोजमेरी, काशनी, सूरजमुखी, कालमेघ, अजवाइन, तिलपुष्पी, पुदीना, हल्दी, आंवला, मकोई, बहेड़ा, अश्वगंधा, लेमनग्रास, जंबु फरण, सतावर, वन तुलसी, पीप्पली, अजमोद, लेवेंडर, कड़ी पत्ता, इसबगोल, केशर, वकायन, स्वीविया, पत्थरचट्टा, राम तुलसी, श्याम तुलसी, लेमन तुलसी, नीम व पुत्र जीवक बीज के पौधे उगाए गए हैं।
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गार्डन की देखरेख कर रहे पुलिस कांस्टेबल अनूप मैठाणी का कहना है कि हर्बल गार्डन में उगाई जा रही जड़ी-बूटियों में कई जड़ी-बूटी दुर्लभ हैं। थुनेर कैंसर की दवाई बनाने के काम आता है, जबकि अर्जुन के पेड़ की छाल हृदय रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी है। गार्डन को और विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट का कहना है कि गार्डन स्थापित करने का उद्देश्य आम लोगों को जड़ी-बूटी की खेती से जोड़ना है। गार्डन से बंजर पड़ी भूमि का सदुपयोग भी हो रहा है।
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