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साध्वी भगवती को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी उपाधि
Updated Tue, 01 May 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश/मुनिकीरेती।
जीवा की महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानद उपाधि से सम्मानित किए जाने पर परमार्थ निकेतन परिवार ने हर्ष व्यक्त किया है। बताया गया कि उक्त पुरस्कार उन्हें नई दिल्ली में राय विश्वविद्यालय, झारखंड की ओर से आध्यात्मिक और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए दिया गया। आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने बताया कि साध्वी भगवती सरस्वती ने महाग्रंथ हिंदू धर्म विश्वकोष जो विश्व में पहली बार प्रकाशित हुआ है, उसकी प्रबंध संपादक साध्वी भगवती ही हैं।
उन्होंने अनेक विद्वानों व विशेषज्ञों के साथ कई वर्षों के सतत प्रयासों के बाद इस महाग्रंथ को तैयार किया है। इस महाग्रंथ से विश्व के अनेक विश्वविद्यालयों में शोधार्थी छात्रों का ज्ञानवर्धन और मार्गदर्शन हो रहा है। उन्होंने बताया कि साध्वी भगवती करीब 22 वर्षों से परमार्थ निकेतन आश्रम में रहकर मानवता की सेवा के लिए समर्पित हैं। इस मौके पर साध्वी ने बताया कि दो दशक से अधिक समय के बाद आध्यात्मिक क्षेत्र में पीएचडी की उपाधि से सम्मानित होना अत्यधिक गौरव की बात है।
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जीवा की महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानद उपाधि से सम्मानित किए जाने पर परमार्थ निकेतन परिवार ने हर्ष व्यक्त किया है। बताया गया कि उक्त पुरस्कार उन्हें नई दिल्ली में राय विश्वविद्यालय, झारखंड की ओर से आध्यात्मिक और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए दिया गया। आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने बताया कि साध्वी भगवती सरस्वती ने महाग्रंथ हिंदू धर्म विश्वकोष जो विश्व में पहली बार प्रकाशित हुआ है, उसकी प्रबंध संपादक साध्वी भगवती ही हैं।
उन्होंने अनेक विद्वानों व विशेषज्ञों के साथ कई वर्षों के सतत प्रयासों के बाद इस महाग्रंथ को तैयार किया है। इस महाग्रंथ से विश्व के अनेक विश्वविद्यालयों में शोधार्थी छात्रों का ज्ञानवर्धन और मार्गदर्शन हो रहा है। उन्होंने बताया कि साध्वी भगवती करीब 22 वर्षों से परमार्थ निकेतन आश्रम में रहकर मानवता की सेवा के लिए समर्पित हैं। इस मौके पर साध्वी ने बताया कि दो दशक से अधिक समय के बाद आध्यात्मिक क्षेत्र में पीएचडी की उपाधि से सम्मानित होना अत्यधिक गौरव की बात है।
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