{"_id":"5acf93df4f1c1b813d8b4d45","slug":"15235532506-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहाड़ में निवेश करने वाली कंपनियों का हो सोशल ऑडिट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहाड़ में निवेश करने वाली कंपनियों का हो सोशल ऑडिट
Updated Thu, 12 Apr 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस व बिड़ला परिसर के छात्रों ने विचार साझा किए।
बृहस्पतिवार को बिड़ला परिसर के समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस मुंबई व गोहाटी के छात्रों के साथ बिड़ला परिसर एमएसडब्ल्यू के छात्रों ने विभिन्न विषयों पर सीधा संवाद किया। संवाद कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने कहा कि पहाड़ में आई निवेशक कंपनियों (जैसे जल विद्युत परियोजनाएं) का वित्तीय ऑडिट के साथ-साथ सामाजिक ऑडिट भी होना चाहिए। समाजशास्त्र व समाज कार्य विभागाध्यक्ष प्रो. किरन डंगवाल ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस मुंबई व गोहाटी के छात्रों का धन्यवाद ज्ञापित किया। संवाद कार्यक्रम में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस मुंबई व गोहाटी के छात्र नव प्रभात, सीमांता मजूमदार, अनोघ आचार्य, संचिता, मधुपर्णा घोष आदि शामिल थे। इसके अलावा डा. उमा बहुगुणा, भान सिंह नेगी, शिवनिधान गुप्ता, विजेंद्र मनेशा, मनीष भारद्वाज आदि शामिल थे। संचालन शोध छात्र नवीन नौटियाल ने किया।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को बिड़ला परिसर के समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस मुंबई व गोहाटी के छात्रों के साथ बिड़ला परिसर एमएसडब्ल्यू के छात्रों ने विभिन्न विषयों पर सीधा संवाद किया। संवाद कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने कहा कि पहाड़ में आई निवेशक कंपनियों (जैसे जल विद्युत परियोजनाएं) का वित्तीय ऑडिट के साथ-साथ सामाजिक ऑडिट भी होना चाहिए। समाजशास्त्र व समाज कार्य विभागाध्यक्ष प्रो. किरन डंगवाल ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस मुंबई व गोहाटी के छात्रों का धन्यवाद ज्ञापित किया। संवाद कार्यक्रम में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस मुंबई व गोहाटी के छात्र नव प्रभात, सीमांता मजूमदार, अनोघ आचार्य, संचिता, मधुपर्णा घोष आदि शामिल थे। इसके अलावा डा. उमा बहुगुणा, भान सिंह नेगी, शिवनिधान गुप्ता, विजेंद्र मनेशा, मनीष भारद्वाज आदि शामिल थे। संचालन शोध छात्र नवीन नौटियाल ने किया।