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30 कर्मियों के सहारे आठ हजार वन सीमा की जिम्मेदारी
Updated Mon, 09 Apr 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,रायवाला।
बजट के अभाव में इस बार राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की मोतीचूर रेंज में वनाग्नि रोकने के लिए रखे जाने वाले अतिरिक्त अग्नि सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो पाई है, जिसके चलते रेंज की आठ हजार हेक्टेयर वन सीमा की जिम्मेदारी 16 नियमित और 14 संविदा कर्मियों के भरोसे है। इस साल 16 अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती होनी थी, जोकि अब तक नहीं हो पाई है। ऐसे में इतने बड़े क्षेत्र में केवल 30 कर्मियों के कंधे पर ही रेंज की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।
ग्रीष्मकाल में वनों में लगने वाली आग से होने वाले भारी नुकसान को लेकर राजाजी टाइगर प्रशासन इस साल गंभीर नहीं दिख रहा है। यही वजह है कि हर साल वन सीमा में अग्नि सुरक्षा को लेकर मार्च माह में तैनात किए जाने वाले अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को इस बार रखा ही नहीं गया। अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह बीतने के बाद भी राजाजी प्रशासन की ओर से वन रेंजों को अग्नि सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बाबत कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं। इसकी वजह विभाग के पास बजट का अभाव बताया जा रहा है। ऐसे में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती नहीं होने से अकेले मोतीचूर रेंज की आठ हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल की वन संपदा और वन्यजीवों की अग्नि से सुरक्षा की जिम्मेदारी महज 30 वनकर्मियों पर आ गई है।
क्या कहते हैं अधिकारी
रेंज अधिकारी विकास रावत ने बताया कि अतिरिक्त अग्नि सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने संबंधी फिलहाल कोई विभागीय आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। बताया कि चार क्रू स्टेशनों और आधुनिक दो ब्लोवर मशीन के साथ अन्य उपकरणों की मदद से वनाग्नि को रोकने की विभागीय स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है।
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बजट के अभाव में इस बार राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की मोतीचूर रेंज में वनाग्नि रोकने के लिए रखे जाने वाले अतिरिक्त अग्नि सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो पाई है, जिसके चलते रेंज की आठ हजार हेक्टेयर वन सीमा की जिम्मेदारी 16 नियमित और 14 संविदा कर्मियों के भरोसे है। इस साल 16 अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती होनी थी, जोकि अब तक नहीं हो पाई है। ऐसे में इतने बड़े क्षेत्र में केवल 30 कर्मियों के कंधे पर ही रेंज की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।
ग्रीष्मकाल में वनों में लगने वाली आग से होने वाले भारी नुकसान को लेकर राजाजी टाइगर प्रशासन इस साल गंभीर नहीं दिख रहा है। यही वजह है कि हर साल वन सीमा में अग्नि सुरक्षा को लेकर मार्च माह में तैनात किए जाने वाले अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को इस बार रखा ही नहीं गया। अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह बीतने के बाद भी राजाजी प्रशासन की ओर से वन रेंजों को अग्नि सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बाबत कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं। इसकी वजह विभाग के पास बजट का अभाव बताया जा रहा है। ऐसे में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती नहीं होने से अकेले मोतीचूर रेंज की आठ हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल की वन संपदा और वन्यजीवों की अग्नि से सुरक्षा की जिम्मेदारी महज 30 वनकर्मियों पर आ गई है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
रेंज अधिकारी विकास रावत ने बताया कि अतिरिक्त अग्नि सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने संबंधी फिलहाल कोई विभागीय आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। बताया कि चार क्रू स्टेशनों और आधुनिक दो ब्लोवर मशीन के साथ अन्य उपकरणों की मदद से वनाग्नि को रोकने की विभागीय स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है।
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