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रैंन-पलबरा मोटर मार्ग के डामरीकरण और विस्तरीकरण में हुआ लाखों का घोटाला
Updated Tue, 20 Mar 2018 10:19 PM IST
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देवाल। ब्लॉक के रैन-पलबरा मोटर मार्ग पर हुए 28.80 लाख डामरीकरण के फर्जीवाड़े की जांच के लिए डीएम ने लोनिवि थराली के ईई को दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
रैन के ग्रामीणों ने सूचना के अधिकार के तहत रैन-पलबरा मोटर मार्ग पर डामरीकरण और विस्तरीकरण की सूचना मांगी थी, जिसमें विभाग ने सड़क के 1700 मीटर डामरीकरण और विस्तारीकरण में 28.80 लाख रुपये का खर्चा दिखाया गया था। मामले की जांच करते हुए निवर्तमान एसडीएम चंदन डोबाल को सड़क पर कहीं भी डामरीकरण और विस्तारीकरण का कार्य नहीं मिला। ग्रामीणों ने फर्जीवाड़े के विरोध में लोनिवि के आरोपी इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करने और सड़क की मरम्मत के लिए धरना-प्रदर्शन भी किया था। अब ग्रामीणों की मांग पर डीएम आशीष जोशी ने पुन: एसडीएम थराली, सिंचाई विभाग के ईई, निर्माण निगम के ईई को स्थलीय जांच करने के आदेश दिए हैं। संयुक्त मजिस्ट्रेट थराली रोहित मीणा ने बताया कि डीएम के आदेश पर रैन-पलबरा मोटर मार्ग की एमबी सहित सभी अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश लोनिवि के अधिकारियों को दिए गए हैं। गैरसैंण विधानसभा सत्र के बाद इसकी जांच शुरू कर दी जाएगी।
रैन के ग्रामीणों ने सूचना के अधिकार के तहत रैन-पलबरा मोटर मार्ग पर डामरीकरण और विस्तरीकरण की सूचना मांगी थी, जिसमें विभाग ने सड़क के 1700 मीटर डामरीकरण और विस्तारीकरण में 28.80 लाख रुपये का खर्चा दिखाया गया था। मामले की जांच करते हुए निवर्तमान एसडीएम चंदन डोबाल को सड़क पर कहीं भी डामरीकरण और विस्तारीकरण का कार्य नहीं मिला। ग्रामीणों ने फर्जीवाड़े के विरोध में लोनिवि के आरोपी इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करने और सड़क की मरम्मत के लिए धरना-प्रदर्शन भी किया था। अब ग्रामीणों की मांग पर डीएम आशीष जोशी ने पुन: एसडीएम थराली, सिंचाई विभाग के ईई, निर्माण निगम के ईई को स्थलीय जांच करने के आदेश दिए हैं। संयुक्त मजिस्ट्रेट थराली रोहित मीणा ने बताया कि डीएम के आदेश पर रैन-पलबरा मोटर मार्ग की एमबी सहित सभी अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश लोनिवि के अधिकारियों को दिए गए हैं। गैरसैंण विधानसभा सत्र के बाद इसकी जांच शुरू कर दी जाएगी।
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