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स्थायी राजधानी की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
Updated Fri, 09 Feb 2018 10:29 PM IST
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गैरसैंण। स्थायी राजधानी की मांग को लेकर आंदोलन उग्र होता जा रहा है। मांग को लेकर जहां अनशन जारी रहा तो दूसरी ओर आंदोलनकारियों ने राजधानी के समर्थन में राज्य सरकार के पुतले की शवयात्रा निकाली और बाजार में प्रदर्शन के बाद मुख्य चौराहे पर उसका अंतिम संस्कार किया। प्रदर्शन में नारायणबगड़ और गैरसैंण से भारी संख्या में लोग शामिल हुए। वहीं अनशनकारियों का डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया जिसमें उनके वजन में गिरावट दर्ज की गई।
स्थायी राजधानी की मांग को लेकर 12 दिसंबर से रामलीला मैदान में क्रमिक अनशन शुरू किया गया था, जो 26 जनवरी को आमरण अनशन में बदल गया। 26 जनवरी को भूखहड़ताल पर बैठे तीन अनशनकारियों को प्रशासन ने 31 जनवरी को उठाया, जिसके बाद 1 फरवरी को तीन और आंदोलनकारी अनशन पर बैठे जिन्हें प्रशासन ने 6 फरवरी को उठाया। इसके बाद समिति के लक्ष्मण सिंह, अवतार सिंह और श्रीपालराम 7 फरवरी से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। शुक्रवार को आंदोलन के समर्थन में नारायणबगड़ और गैरसैंण के लोग यहां पहुंचे और अनशनस्थल से राज्य सरकार के पुतले की शव यात्रा निकालकर बाजार में प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्य चौराहे पर पुतले का अंतिम संस्कार किया गया। आंदोलनकारियों ने गैरसैंण राजधानी के पक्ष में नारेबाजी भी की। वहीं अनशन पर बैठे अनशनकारियों का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परीक्षण किया, जिसमें उनके वजन में गिरावट दर्ज की गई। प्रदर्शन करने वालों में सुरेंद्र बिष्ट, धनीराम, नारायण सिंह, वीरेंद्र जोशी, शिशुपाल, नारायणबगड़ के गंभीर सिंह, रघुवीर खत्री, मुन्नी, बलवंत राम, चंद्रा, शांति, महेशानंद, महेंद्र प्रसाद, राधा, नंदी, गोदांबरी और गंगा सिंह सहित कई लोग शामिल थे।
स्थायी राजधानी की मांग को लेकर 12 दिसंबर से रामलीला मैदान में क्रमिक अनशन शुरू किया गया था, जो 26 जनवरी को आमरण अनशन में बदल गया। 26 जनवरी को भूखहड़ताल पर बैठे तीन अनशनकारियों को प्रशासन ने 31 जनवरी को उठाया, जिसके बाद 1 फरवरी को तीन और आंदोलनकारी अनशन पर बैठे जिन्हें प्रशासन ने 6 फरवरी को उठाया। इसके बाद समिति के लक्ष्मण सिंह, अवतार सिंह और श्रीपालराम 7 फरवरी से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। शुक्रवार को आंदोलन के समर्थन में नारायणबगड़ और गैरसैंण के लोग यहां पहुंचे और अनशनस्थल से राज्य सरकार के पुतले की शव यात्रा निकालकर बाजार में प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्य चौराहे पर पुतले का अंतिम संस्कार किया गया। आंदोलनकारियों ने गैरसैंण राजधानी के पक्ष में नारेबाजी भी की। वहीं अनशन पर बैठे अनशनकारियों का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परीक्षण किया, जिसमें उनके वजन में गिरावट दर्ज की गई। प्रदर्शन करने वालों में सुरेंद्र बिष्ट, धनीराम, नारायण सिंह, वीरेंद्र जोशी, शिशुपाल, नारायणबगड़ के गंभीर सिंह, रघुवीर खत्री, मुन्नी, बलवंत राम, चंद्रा, शांति, महेशानंद, महेंद्र प्रसाद, राधा, नंदी, गोदांबरी और गंगा सिंह सहित कई लोग शामिल थे।
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