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धार्मिक व सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का लिया संकल्प
Updated Fri, 19 Jan 2018 10:33 PM IST
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श्रीनगर। भलगांव श्रीनगर मूल निवासी संगठन की बैठक में नगर की धार्मिक व सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करने का संकल्प लिया गया। संगठन ने आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों की शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में आर्थिक मदद करने का भी निर्णय लिया है।
शुक्रवार को डालमिया धर्मशाला में हुई भलगांव श्रीनगर मूल निवासी संगठन की बैठक में वक्ताओं ने धार्मिक, सामाजिक व सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने का संकल्प लिया। कहा कि श्रीनगर गढ़वाल क्षेत्र का मुख्य केंद्र बिंदू होने के साथ ही धार्मिक व ऐतिहासिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। इसी महत्व को बचाए रखने के लिए संगठन नई पीढ़ी को संस्कारों तथा रीति-रिवाजों से रूबरू करवाने का कार्य किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर, रोगों से ग्रस्त व्यक्ति व गरीब छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए संगठन आर्थिक मदद भी करेगा। पहाड़ी होली, बसंत पंचमी, शिवरात्रि, बग्वाल जैसे त्योहारों को पारंपरिक तरीके से मनाने का भी निर्णय लिया है। बैठक में हरि प्रसाद मैठाणी, देवेंद्र मिश्रा, उम्मेद सिंह मेहरा, दीपक रावत, हरीश थपलियाल, मनोज भट्ट, अजय तोमर, देव कुमार, दिनेश लिंगवाल, कैलाश भट्ट, नवीन प्रकाश नौटियाल, बीपी पुरी, सतीश रांगड़, डा. अरुण बहुगुणा आदि मौजूद थे।
शुक्रवार को डालमिया धर्मशाला में हुई भलगांव श्रीनगर मूल निवासी संगठन की बैठक में वक्ताओं ने धार्मिक, सामाजिक व सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने का संकल्प लिया। कहा कि श्रीनगर गढ़वाल क्षेत्र का मुख्य केंद्र बिंदू होने के साथ ही धार्मिक व ऐतिहासिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। इसी महत्व को बचाए रखने के लिए संगठन नई पीढ़ी को संस्कारों तथा रीति-रिवाजों से रूबरू करवाने का कार्य किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर, रोगों से ग्रस्त व्यक्ति व गरीब छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए संगठन आर्थिक मदद भी करेगा। पहाड़ी होली, बसंत पंचमी, शिवरात्रि, बग्वाल जैसे त्योहारों को पारंपरिक तरीके से मनाने का भी निर्णय लिया है। बैठक में हरि प्रसाद मैठाणी, देवेंद्र मिश्रा, उम्मेद सिंह मेहरा, दीपक रावत, हरीश थपलियाल, मनोज भट्ट, अजय तोमर, देव कुमार, दिनेश लिंगवाल, कैलाश भट्ट, नवीन प्रकाश नौटियाल, बीपी पुरी, सतीश रांगड़, डा. अरुण बहुगुणा आदि मौजूद थे।
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