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उपचार के अभाव में संस्कृत विवि के छात्र की मौत
Updated Wed, 10 Jan 2018 11:57 PM IST
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हरिद्वार।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में ज्योतिष द्वितीय वर्ष के छात्र अनिरुद्ध नारायण मिश्रा की बीमारी के बाद मौत हो गई। अनिरुद्ध नारायण मिश्रा चमोली जिले के देवाल का रहने वाला था। विवि के छात्र संघ पदाधिकारियों ने अनिरुद्ध की मौत के लिए विवि प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। छात्र पदाधिकारियों का कहना है कि यदि विवि में छात्रावास होता तो अनिरुद्ध का सही समय पर उपचार हो जाता। किराये पर रहने के कारण उसका उपचार नहीं हो पाया। छात्रों ने मृतक के परिजनों को दस लाख का मुआवजा देने की मांग की। मांग पूरी न होने पर छात्रों ने 16 जनवरी से होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के बहिष्कार और राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार ज्योतिष द्वितीय वर्ष का छात्र अनिरुद्ध नारायण मिश्रा जडवाड़ा पुल के पास स्थित एक कालोनी में किराये के कमरे पर रहता था। कुछ समय से वह बीमार था। मंगलवार रात को उसकी मौत हो गई। छात्र की मौत की खबर मिलते ही विवि में शोक की लहर दौड़ गई। छात्र संघ अध्यक्ष रविंद्र नौटियाल, छात्र नेता विकास जोशी, धीरज सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र उसके कमरे पहुंचे। छात्रों का कहना है कि विवि में छात्रावास की सुविधा न होने पर अनिरुद्ध नारायण मिश्रा जटवाडा पुल स्थित एक कालोनी में किराये के कमरे में रह रहा था। छात्रों का कहना है कि यदि छात्रावास होता तो वह किराये के कमरे पर रहने को मजबूर न होता और उसी सही उपचार मिल जाता।
छात्र संघ अध्यक्ष रविंद्र नौटियाल ने बताया कि विवि के छात्र बीते कई वर्षों से विवि में अधूरे पड़े छात्रावास को बनाने की मांग करते आ रहे हैं। राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मूलभूत सुविधाओं पर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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वहीं विवि कुलपति प्रो. पीयूषकांत दीक्षित और कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी भी शिक्षक व कर्मचारियों के साथ अनिरुद्ध के कमरे पर पहुंचे। कुलसचिव ने बताया कि छात्रावास के निर्माण को लेकर शासन स्तर तेजी से कार्य किया जा रहा है। साथ ही मृतक छात्र के परिजनों के लिए जो भी मदद संभव होगी उसे किया जाएगा।
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उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में ज्योतिष द्वितीय वर्ष के छात्र अनिरुद्ध नारायण मिश्रा की बीमारी के बाद मौत हो गई। अनिरुद्ध नारायण मिश्रा चमोली जिले के देवाल का रहने वाला था। विवि के छात्र संघ पदाधिकारियों ने अनिरुद्ध की मौत के लिए विवि प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। छात्र पदाधिकारियों का कहना है कि यदि विवि में छात्रावास होता तो अनिरुद्ध का सही समय पर उपचार हो जाता। किराये पर रहने के कारण उसका उपचार नहीं हो पाया। छात्रों ने मृतक के परिजनों को दस लाख का मुआवजा देने की मांग की। मांग पूरी न होने पर छात्रों ने 16 जनवरी से होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के बहिष्कार और राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार ज्योतिष द्वितीय वर्ष का छात्र अनिरुद्ध नारायण मिश्रा जडवाड़ा पुल के पास स्थित एक कालोनी में किराये के कमरे पर रहता था। कुछ समय से वह बीमार था। मंगलवार रात को उसकी मौत हो गई। छात्र की मौत की खबर मिलते ही विवि में शोक की लहर दौड़ गई। छात्र संघ अध्यक्ष रविंद्र नौटियाल, छात्र नेता विकास जोशी, धीरज सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र उसके कमरे पहुंचे। छात्रों का कहना है कि विवि में छात्रावास की सुविधा न होने पर अनिरुद्ध नारायण मिश्रा जटवाडा पुल स्थित एक कालोनी में किराये के कमरे में रह रहा था। छात्रों का कहना है कि यदि छात्रावास होता तो वह किराये के कमरे पर रहने को मजबूर न होता और उसी सही उपचार मिल जाता।
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छात्र संघ अध्यक्ष रविंद्र नौटियाल ने बताया कि विवि के छात्र बीते कई वर्षों से विवि में अधूरे पड़े छात्रावास को बनाने की मांग करते आ रहे हैं। राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मूलभूत सुविधाओं पर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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वहीं विवि कुलपति प्रो. पीयूषकांत दीक्षित और कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी भी शिक्षक व कर्मचारियों के साथ अनिरुद्ध के कमरे पर पहुंचे। कुलसचिव ने बताया कि छात्रावास के निर्माण को लेकर शासन स्तर तेजी से कार्य किया जा रहा है। साथ ही मृतक छात्र के परिजनों के लिए जो भी मदद संभव होगी उसे किया जाएगा।