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सात महीने से नहीं मिल रही पेंशन
Updated Wed, 13 Jun 2018 02:00 AM IST
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छह महीने से नहीं मिल रही पेंशन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। समाज कल्याण विभाग की ओर से दी जाने वाली पेंशन व्यवस्था जिले में सुचारु नहीं हो पा रही है। छह माह से विधवाओं को पेंशन की धनराशि नहीं मिल पा रही है। परेशान विधवाएं कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। जबकि संबंधित अधिकारी समय पर पेंशन भेजने का दावा कर रहे हैं।
सरकार की ओर से विधवा, बुजुर्ग और दिव्यांगों को प्रतिमाह एक हजार रुपये पेंशन दी जाती है। यह पेंशन जारी करने की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग पर है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों पेंशन सत्यापन के लिए लोगों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी थी। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 18261 महिलाएं विधवा पेंशन की पात्र हैं। जिन्हें विभाग समय पर पेंशन देने का दावा करता है।
इन दावों की पोल गुलरघाटी नकरौंदा निवासी चंद्रकांता की व्यथा खोल रही है। मंगलवार को समाज कल्याण विभाग पहुंची चंद्रकांता ने बताया कि वह छह माह से पेंशन के लिए चक्कर काट रही है, लेकिन कोई उनकी समस्या नहीं सुन रहा है। परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है, वह और 36 वर्षीय विधवा बहू अकेले हैं। पेंशन के सहारे ही उनका गुजारा होता है। अपनी पीड़ा बताते भावुक हुई चंद्रकांता के घर में खाने के लाले पड़ गए हैं। वहीं सहसपुर से आईं कमला ने बताया कि उन्हें सात महीने से पेंशन नहीं मिली है। यहां कोई अधिकारी उनकी समस्या नहीं सुन रहा है।
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वहीं कार्यालय में मौजूद अधिकारी ये दावा कर रहे है कि मार्च तक सभी पेंशनरों को पेंशन जारी कर दी गई है। किसी की पेंशन नहीं रुकी है, विभाग सभी पेंशनरों के खातों में पेंशन भेज रहा है।
कोट :
मैं अभी अवकाश पर हूं। मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। कार्यालय पहुंचकर पता करुंगी कि किस वजह से पेंशन रुकी हुई। इसके बाद जल्द पेंशन शुरू कर दी जाएगी।
- मीना बिष्ट, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। समाज कल्याण विभाग की ओर से दी जाने वाली पेंशन व्यवस्था जिले में सुचारु नहीं हो पा रही है। छह माह से विधवाओं को पेंशन की धनराशि नहीं मिल पा रही है। परेशान विधवाएं कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। जबकि संबंधित अधिकारी समय पर पेंशन भेजने का दावा कर रहे हैं।
सरकार की ओर से विधवा, बुजुर्ग और दिव्यांगों को प्रतिमाह एक हजार रुपये पेंशन दी जाती है। यह पेंशन जारी करने की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग पर है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों पेंशन सत्यापन के लिए लोगों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी थी। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 18261 महिलाएं विधवा पेंशन की पात्र हैं। जिन्हें विभाग समय पर पेंशन देने का दावा करता है।
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इन दावों की पोल गुलरघाटी नकरौंदा निवासी चंद्रकांता की व्यथा खोल रही है। मंगलवार को समाज कल्याण विभाग पहुंची चंद्रकांता ने बताया कि वह छह माह से पेंशन के लिए चक्कर काट रही है, लेकिन कोई उनकी समस्या नहीं सुन रहा है। परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है, वह और 36 वर्षीय विधवा बहू अकेले हैं। पेंशन के सहारे ही उनका गुजारा होता है। अपनी पीड़ा बताते भावुक हुई चंद्रकांता के घर में खाने के लाले पड़ गए हैं। वहीं सहसपुर से आईं कमला ने बताया कि उन्हें सात महीने से पेंशन नहीं मिली है। यहां कोई अधिकारी उनकी समस्या नहीं सुन रहा है।
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वहीं कार्यालय में मौजूद अधिकारी ये दावा कर रहे है कि मार्च तक सभी पेंशनरों को पेंशन जारी कर दी गई है। किसी की पेंशन नहीं रुकी है, विभाग सभी पेंशनरों के खातों में पेंशन भेज रहा है।
कोट :
मैं अभी अवकाश पर हूं। मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। कार्यालय पहुंचकर पता करुंगी कि किस वजह से पेंशन रुकी हुई। इसके बाद जल्द पेंशन शुरू कर दी जाएगी।
- मीना बिष्ट, जिला प्रोबेशन अधिकारी