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गंभीर मरीजों को नहीं लगाने होंगे दून-हल्द्वानी के चक्कर
Updated Tue, 29 May 2018 01:55 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
गंभीर मरीजों को अब इलाज कराने के लिए महज देहरादून और हल्द्वानी के बड़े अस्पतालों पर आश्रित नहीं रहना होगा। गंभीर मरीजों को उनके जिलों में ही बेहतर इलाज की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य में 11 फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफ आरयू) को खोलने के साथ ही मौजूदा 16 एफआरयू को उच्चीकृत किया जाएगा। इस संबंध में सोमवार को सचिव चिकित्सा नितेश झा व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. अंजली नौटियाल समेत कई अफसरों ने मंथन किया।
बैठक में वर्तमान में संचालित 16 फर्स्ट रेफरल यूनिट को मजबूती देने के साथ ही 11 नए यूनिट खोले पर सहमति बनी। बैठक के दौरान निदेशक डॉ. अंजली नौटियाल ने सचिव चिकित्सा को फर्स्ट फ्लाइट के खोलने और उच्चीकृत करने की कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक डॉ. अंजली नौटियाल ने बताया कि राज्य की सभी एफआरयू में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, अत्याधुनिक उपकरण मुहैया कराने के साथ ही पर्याप्त संख्या में पैरामेडिकल की तैनाती की जाएगी। बैठक में आयुष्मान भारत को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। आयुष्मान भारत योजना को लेकर अस्पतालों को चिह्नित किया जा रहा है। फिलहाल केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से मुहैया करायी गई सूची का घर-घर जाकर सर्वे कराया जा रहा है।
बता दें वर्तमान में कम फर्स्ट रेफरल यूनिट होने की वजह से मरीजों को देहरादून या फिर हल्द्वानी के बड़े अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों को आने-जाने में परेशानी के साथ ही इलाज पर काफी खर्ज भी करना पड़ता है।
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गंभीर मरीजों को अब इलाज कराने के लिए महज देहरादून और हल्द्वानी के बड़े अस्पतालों पर आश्रित नहीं रहना होगा। गंभीर मरीजों को उनके जिलों में ही बेहतर इलाज की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य में 11 फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफ आरयू) को खोलने के साथ ही मौजूदा 16 एफआरयू को उच्चीकृत किया जाएगा। इस संबंध में सोमवार को सचिव चिकित्सा नितेश झा व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. अंजली नौटियाल समेत कई अफसरों ने मंथन किया।
बैठक में वर्तमान में संचालित 16 फर्स्ट रेफरल यूनिट को मजबूती देने के साथ ही 11 नए यूनिट खोले पर सहमति बनी। बैठक के दौरान निदेशक डॉ. अंजली नौटियाल ने सचिव चिकित्सा को फर्स्ट फ्लाइट के खोलने और उच्चीकृत करने की कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक डॉ. अंजली नौटियाल ने बताया कि राज्य की सभी एफआरयू में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, अत्याधुनिक उपकरण मुहैया कराने के साथ ही पर्याप्त संख्या में पैरामेडिकल की तैनाती की जाएगी। बैठक में आयुष्मान भारत को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। आयुष्मान भारत योजना को लेकर अस्पतालों को चिह्नित किया जा रहा है। फिलहाल केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से मुहैया करायी गई सूची का घर-घर जाकर सर्वे कराया जा रहा है।
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बता दें वर्तमान में कम फर्स्ट रेफरल यूनिट होने की वजह से मरीजों को देहरादून या फिर हल्द्वानी के बड़े अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों को आने-जाने में परेशानी के साथ ही इलाज पर काफी खर्ज भी करना पड़ता है।
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