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वन प्रशासन के खिलाफ कोर्ट जाएगी विजन संस् था
Updated Sat, 30 Dec 2017 01:01 AM IST
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पार्क प्रशासन के खिलाफ कोर्ट जाएगी विजन संस्था
-- वन गुर्जरों से बदसलूकी पर बिफरे संस्था से जुड़े लोग
-- राज्य सरकार से की मानवाधिकारों की रक्षा की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। सामाजिक संस्था विजन ने राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के अंतर्गत कुनाऊंचौड़ में वनकर्मियों पर गुर्जर परिवारों की महिलाओं व युवकों से मारपीट व गाली-गलौच का आरोप लगाया है। कहा कि पार्क प्रशासन ने मानवाधिकार का उल्लंघन किया है, जिसमें संलिप्त वनकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोर्ट की शरण ली जाएगी।
शुक्रवार को बीटीसी परिसर स्थित प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में विजन संस्था के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता महावीर सिंह नेगी ने सरकार से सवाल किया कि पार्क प्रशासन कुनाऊंचौड़ में गुर्जर परिवारों के घरों में तोड़फोड़ और युवकों व महिलाओं से मारपीट किस आदेश के तहत कर रहा है। कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करे।
वन अधिकारियों और कर्मचारियों की अमानवीय कार्रवाई को हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में भी लाया जाएगा। संस्था के महासचिव गुरुचरन ने कहा कि कड़ाके की ठंड में पार्क प्रशासन के हमलों से गुर्जर परिवार खौफ में हैं। चारे की कमी से उनके मवेशियों की मृत्यु हो रही है। उन्होंने सरकार से मामले का संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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ग्राम स्तरीय वन अधिकार समिति कुनाऊंचौड़ के अध्यक्ष फिरोजद्दीन ने कहा कि गुर्जर परिवार छह पीढ़ियों से गौहरी रेंज के वनों में रह रहे हैं और वन अधिकार कानून के तहत अपने दावों का हल चाहते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रमोहन सिंह नेगी ने कहा कि पार्क प्रशासन वनों में शांतिपूर्ण ढंग से रहने वाले लोगों को भगाने में लगा है। विकास से वंचित धोतिया, मौबण, खैरगल, गुदाणगांव आदि गांवों के लोगों की पुनर्वास की मांग को सुध नहीं ली जा रही है। मौके पर हुसन बीबी, गुलाम नबी, रोशनद्दीन, मोहम्मद सफी आदि मौजूद थे।
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-- वन गुर्जरों से बदसलूकी पर बिफरे संस्था से जुड़े लोग
-- राज्य सरकार से की मानवाधिकारों की रक्षा की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। सामाजिक संस्था विजन ने राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के अंतर्गत कुनाऊंचौड़ में वनकर्मियों पर गुर्जर परिवारों की महिलाओं व युवकों से मारपीट व गाली-गलौच का आरोप लगाया है। कहा कि पार्क प्रशासन ने मानवाधिकार का उल्लंघन किया है, जिसमें संलिप्त वनकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोर्ट की शरण ली जाएगी।
शुक्रवार को बीटीसी परिसर स्थित प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में विजन संस्था के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता महावीर सिंह नेगी ने सरकार से सवाल किया कि पार्क प्रशासन कुनाऊंचौड़ में गुर्जर परिवारों के घरों में तोड़फोड़ और युवकों व महिलाओं से मारपीट किस आदेश के तहत कर रहा है। कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करे।
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वन अधिकारियों और कर्मचारियों की अमानवीय कार्रवाई को हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में भी लाया जाएगा। संस्था के महासचिव गुरुचरन ने कहा कि कड़ाके की ठंड में पार्क प्रशासन के हमलों से गुर्जर परिवार खौफ में हैं। चारे की कमी से उनके मवेशियों की मृत्यु हो रही है। उन्होंने सरकार से मामले का संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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ग्राम स्तरीय वन अधिकार समिति कुनाऊंचौड़ के अध्यक्ष फिरोजद्दीन ने कहा कि गुर्जर परिवार छह पीढ़ियों से गौहरी रेंज के वनों में रह रहे हैं और वन अधिकार कानून के तहत अपने दावों का हल चाहते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रमोहन सिंह नेगी ने कहा कि पार्क प्रशासन वनों में शांतिपूर्ण ढंग से रहने वाले लोगों को भगाने में लगा है। विकास से वंचित धोतिया, मौबण, खैरगल, गुदाणगांव आदि गांवों के लोगों की पुनर्वास की मांग को सुध नहीं ली जा रही है। मौके पर हुसन बीबी, गुलाम नबी, रोशनद्दीन, मोहम्मद सफी आदि मौजूद थे।