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कैन लगाई बाडुली, द्वी बार हिलिग्ये हांसुली...
Updated Fri, 29 Dec 2017 10:37 PM IST
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गोपेश्वर। घिंघराण क्षेत्र में आयोजित द्यौखारी महोत्सव के दूसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या जागर गायिका पम्मी नवल के नाम रही। शुक्रवार को महोत्सव का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी देवी शाह ने किया। उन्होंने गढ़वाल में धार्मिक और पारंपरिक मेलों के संरक्षण का आह्वान किया।
सांस्कृतिक संध्या का आगाज बदरीनाथ जागर के साथ हुआ। इसके बाद जागर गायिका पम्मी नवल ने कैन लगाई बाडुली, द्वी बार हिलिग्ये हांसुली..., पौड़ी न टीरी न देरादूण की..., ओम से ओंकार तक..., पहाड़ की नौनी... गीत की शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने भैरव जागर और देवी जागरों की प्रस्तुति से घिंघराण क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया। पम्मी नवल के हुरेंणी को दीन, तुरेंणी पौंछीगे.. जागर पर दर्शक देर शाम तक पंडाल में थिरकते रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन रंगकर्मी सुनील मुनियाली ने किया। सांस्कृतिक संध्या में छात्र-छात्राओं ने गढ़वाली गीत जौ जस देई, देेणी ह्वे जैई...., रानीखेता रामाढोला..., नीती-गमशाली..., फ्यूंलड़िया त्वै देखिक, आंदु यु मन मां..., चैत की चैत्वाल्या गीत की शानदान प्रस्तुति दी। इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य भागीरथी कुंजवाल, ग्राम प्रधान हरेंद्र राणा, कुंवर सिंह रावत, पपेंद्र सिंह, शैन सिंह, ऊषा रावत, सरिता देवी, लक्ष्मी, पूनम, वीरेंद्र असवाल और धूम सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
ऊनी कपड़े और पहाड़ी दालों के स्टॉल
गोपेश्वर। द्यौखारी महोत्सव में भोटिया जनजाति के ग्रामीणों ने ऊनी वस्त्रों के स्टॉल लगाए हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों ने ऊनी कपड़ों की जमकर खरीदारी की। मेले में पहाड़ी दाल के स्टॉल भी लगे हुए है।
सांस्कृतिक संध्या का आगाज बदरीनाथ जागर के साथ हुआ। इसके बाद जागर गायिका पम्मी नवल ने कैन लगाई बाडुली, द्वी बार हिलिग्ये हांसुली..., पौड़ी न टीरी न देरादूण की..., ओम से ओंकार तक..., पहाड़ की नौनी... गीत की शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने भैरव जागर और देवी जागरों की प्रस्तुति से घिंघराण क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया। पम्मी नवल के हुरेंणी को दीन, तुरेंणी पौंछीगे.. जागर पर दर्शक देर शाम तक पंडाल में थिरकते रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन रंगकर्मी सुनील मुनियाली ने किया। सांस्कृतिक संध्या में छात्र-छात्राओं ने गढ़वाली गीत जौ जस देई, देेणी ह्वे जैई...., रानीखेता रामाढोला..., नीती-गमशाली..., फ्यूंलड़िया त्वै देखिक, आंदु यु मन मां..., चैत की चैत्वाल्या गीत की शानदान प्रस्तुति दी। इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य भागीरथी कुंजवाल, ग्राम प्रधान हरेंद्र राणा, कुंवर सिंह रावत, पपेंद्र सिंह, शैन सिंह, ऊषा रावत, सरिता देवी, लक्ष्मी, पूनम, वीरेंद्र असवाल और धूम सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
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ऊनी कपड़े और पहाड़ी दालों के स्टॉल
गोपेश्वर। द्यौखारी महोत्सव में भोटिया जनजाति के ग्रामीणों ने ऊनी वस्त्रों के स्टॉल लगाए हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों ने ऊनी कपड़ों की जमकर खरीदारी की। मेले में पहाड़ी दाल के स्टॉल भी लगे हुए है।
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