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ग्वालदम झील में होगी बोटिंग
Updated Tue, 12 Dec 2017 10:54 PM IST
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देवाल। ग्वालदम कस्बे में स्थित झील का जल्द कायाकल्प होने वाला है। झील के सुंदरीकरण के लिए वन विभाग को करीब 90 लाख की स्वीकृति मिली है, जिसमें झील की सफाई और मरम्मत के साथ ही यहां वन विभाग बोटिंग कराने की योजना भी तैयार कर रहा है। साथ ही यहां पर्यटकों के लिए हट बनाकर सुविधाएं विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
कुमाऊं की सीमा पर बसे चमोली जिले के ग्वालदम में वर्ष भर पर्यटक पहुंचते हैं। कस्बे में जहां देवदार, बांज और सुराही सहित अन्य वृक्ष लोगों का आकर्षक करते हैं, वहीं एसएसबी परिसर भी देखने लायक है। सबसे अधिक सुंदर यहां की झील है। वन विभाग के अधीन यह झील करीब 253 वर्गमीटर की परिधि में फैली है। इस झील को देखने के लिए यहां लगातार पर्यटक आते रहते हैं, लेकिन झील का सुंदरीकरण और यहां सुविधाएं न होने से पर्यटन बढ़ नहीं पा रहा है। ग्वालदम के खिलाफ सिंह शाह ने बताया कि यहां पर हर साल हजारों की संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते है। पर्यटन से यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है। अगर यहां पर नाव की व्यवस्था हुई तो यह पर्यटकों के लिए नया होगा। वन विभाग के वन क्षेत्राधिकारी गोपाल सिंह बिष्ट का कहना है कि विभाग की ओर से शासन को लगभग 90 लाख का इस्टीमेट भेजा गया था, जिसकी स्वीकृति मिल गई है। इस पर तीन फेस में काम होना है। झील के सुंदरीकरण के साथ ही यहां पर आठ हट बनने हैं। तीन बोट भी यहां व्यवस्था होगी। इससे टूरिस्ट भी बढ़ेगा साथ ही विभाग की आय भी होगी।
कुमाऊं की सीमा पर बसे चमोली जिले के ग्वालदम में वर्ष भर पर्यटक पहुंचते हैं। कस्बे में जहां देवदार, बांज और सुराही सहित अन्य वृक्ष लोगों का आकर्षक करते हैं, वहीं एसएसबी परिसर भी देखने लायक है। सबसे अधिक सुंदर यहां की झील है। वन विभाग के अधीन यह झील करीब 253 वर्गमीटर की परिधि में फैली है। इस झील को देखने के लिए यहां लगातार पर्यटक आते रहते हैं, लेकिन झील का सुंदरीकरण और यहां सुविधाएं न होने से पर्यटन बढ़ नहीं पा रहा है। ग्वालदम के खिलाफ सिंह शाह ने बताया कि यहां पर हर साल हजारों की संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते है। पर्यटन से यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है। अगर यहां पर नाव की व्यवस्था हुई तो यह पर्यटकों के लिए नया होगा। वन विभाग के वन क्षेत्राधिकारी गोपाल सिंह बिष्ट का कहना है कि विभाग की ओर से शासन को लगभग 90 लाख का इस्टीमेट भेजा गया था, जिसकी स्वीकृति मिल गई है। इस पर तीन फेस में काम होना है। झील के सुंदरीकरण के साथ ही यहां पर आठ हट बनने हैं। तीन बोट भी यहां व्यवस्था होगी। इससे टूरिस्ट भी बढ़ेगा साथ ही विभाग की आय भी होगी।
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