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बेस अस्पताल में अधूरा निर्माण कार्य बना परेशानी
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:01 PM IST
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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कालेज से संबद्ध बेस अस्पताल श्रीनगर के चिकित्सा अधिकारी के कड़े पत्र के बाद स्वास्थ्य विभाग पौड़ी हरकत में आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के निर्देश पर विभागीय अवर अभियंता ने बेस अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। सीएमओ डा. आरएस राणा ने बताया कि अवर अभियंता को निर्माण प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बेस अस्पताल प्रांतीय चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन है। बेस अस्पताल के इमजरेंसी वार्ड के ऊपर प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (पीएमएचएस) की ओर से गायनी और निकू (शिशु गहन निगरानी केंद्र) का सुधारीकरण कर नवनिर्माण कराया गया है। यहां भूतल से गायनी वार्ड में जाने के लिए लिफ्ट लगाई जा रही है। लेकिन एक माह से लिफ्ट वेल का काम बंद है। यहां कोई सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं किया गया है। जिससे मरीज और स्टाफ का गड्ढे में गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं सीवरेज को पुराने सेप्टिक टैंक से जोड़ दिया गया है। सीवर पाइप की भी मोटाई कम है। इस वजह से गंदा पानी इमरजेंसी वार्ड में टपक रहा है। जिससे मरीजों के स्वास्थ्य को खतरा है।
निर्माण में खामी और लापरवाही से नाराज बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक सुरेश जैन ने सीएमओ पौड़ी को पत्र भेजकर तत्काल कार्य पूर्ण करने और कमियों को दूर करने का अनुरोध किया था। पत्र से हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग पौड़ी ने शुक्रवार को अवर अभियंता को भेजा। बेस अस्पताल प्रशासन ने अवर अभियंता को सारी कमियों से अवगत कराते हुए निरीक्षण करवाया।
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चिकित्सा अधीक्षक डा. जैन ने बताया कि अधूरे काम से दिक्कत हो रही है। कार्यदायी एजेंसी ने शीघ्र काम पूर्ण करने की बात कही थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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बेस अस्पताल प्रांतीय चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन है। बेस अस्पताल के इमजरेंसी वार्ड के ऊपर प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (पीएमएचएस) की ओर से गायनी और निकू (शिशु गहन निगरानी केंद्र) का सुधारीकरण कर नवनिर्माण कराया गया है। यहां भूतल से गायनी वार्ड में जाने के लिए लिफ्ट लगाई जा रही है। लेकिन एक माह से लिफ्ट वेल का काम बंद है। यहां कोई सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं किया गया है। जिससे मरीज और स्टाफ का गड्ढे में गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं सीवरेज को पुराने सेप्टिक टैंक से जोड़ दिया गया है। सीवर पाइप की भी मोटाई कम है। इस वजह से गंदा पानी इमरजेंसी वार्ड में टपक रहा है। जिससे मरीजों के स्वास्थ्य को खतरा है।
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निर्माण में खामी और लापरवाही से नाराज बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक सुरेश जैन ने सीएमओ पौड़ी को पत्र भेजकर तत्काल कार्य पूर्ण करने और कमियों को दूर करने का अनुरोध किया था। पत्र से हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग पौड़ी ने शुक्रवार को अवर अभियंता को भेजा। बेस अस्पताल प्रशासन ने अवर अभियंता को सारी कमियों से अवगत कराते हुए निरीक्षण करवाया।
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चिकित्सा अधीक्षक डा. जैन ने बताया कि अधूरे काम से दिक्कत हो रही है। कार्यदायी एजेंसी ने शीघ्र काम पूर्ण करने की बात कही थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।