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फिल्म रसास्वाद कार्यशाला में युवा सोच पर हुई चर्चा
Updated Sat, 11 Nov 2017 10:34 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र चौरास परिसर में पांच दिवसीय फिल्म रसास्वाद कार्यशाला के तीसरे दिन रंगारंग प्रस्तुतियों से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसमें पत्रकारिता की छात्रा ज्योति नेगी के गीतों और परमेश की कविता ने छात्रों का भरपूर मंनोरंजन किया।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डिस्कवरी चैनल के पूर्व वाइस प्रेसीडेंट और फिल्म निर्माता पंकज सक्सेना ने छात्रों को वर्ष 1947 के ठीक बीस साल बाद बनी आईएम ट्वेंटी एक डॉक्यूमेंटरी छात्रों को दिखाई, जिसमें आजादी के बीस साल बाद के युवा की सोच को दिखाया गया। इस पर विस्तार से चर्चा कर छात्रों से एक्टिंग भी कराई गई। फिल्मों को किस नजरिए से देखना चाहिए यह भी समझाया गया। कार्यशाला फिल्म एडं टेलीविजन संस्थान इंडिया (पुणे) की ओर से आयोजित किया जा रहा है।
इस मौके पर पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र के निदेशक प्रो. एआर डंगवाल, प्रो .सुधांशु जायसवाल, डॉ. बिक्रम बर्तवाल, डॉ. मनोज सुंद्रियाल, डॉ. दिनेश भट्ट मौजूद थे।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डिस्कवरी चैनल के पूर्व वाइस प्रेसीडेंट और फिल्म निर्माता पंकज सक्सेना ने छात्रों को वर्ष 1947 के ठीक बीस साल बाद बनी आईएम ट्वेंटी एक डॉक्यूमेंटरी छात्रों को दिखाई, जिसमें आजादी के बीस साल बाद के युवा की सोच को दिखाया गया। इस पर विस्तार से चर्चा कर छात्रों से एक्टिंग भी कराई गई। फिल्मों को किस नजरिए से देखना चाहिए यह भी समझाया गया। कार्यशाला फिल्म एडं टेलीविजन संस्थान इंडिया (पुणे) की ओर से आयोजित किया जा रहा है।
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इस मौके पर पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र के निदेशक प्रो. एआर डंगवाल, प्रो .सुधांशु जायसवाल, डॉ. बिक्रम बर्तवाल, डॉ. मनोज सुंद्रियाल, डॉ. दिनेश भट्ट मौजूद थे।
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