...तो हादसे के इंतजार में रेलवे प्रशासन

Dehradun Bureau Updated Sat, 11 Nov 2017 01:58 AM IST
फोटो :--------------
रायवाला-ऋषिकेश असुरक्षित ट्रैक पर दौड़ रही हैं ट्रेनें
-- रेल पथ निरीक्षक की रिपोर्ट के दो साल बाद भी नहीं बदली गई दशकों पुरानी रेल पटरियां

राव राशिद
ऋषिकेश। उत्तर रेलवे प्रशासन को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है। कारण, रेल पथ निरीक्षक द्वारा दो साल पहले ऋषिकेश से रायवाला के बीच रेल पटरियों और स्लीपरों को बदलने की रिपोर्ट की अनदेखी इसकी तस्दीक करती है। जिस पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। रायवाला से ऋषिकेश तक रेलवे का करीब 12 किलोमीटर का ट्रैक है। 29 सितंबर 2015 को देहरादून के रेल पथ निरीक्षक ने रेल पटरियों के निरीक्षण के बाद ट्रेनों की सामान्य गति के लिए ट्रैक असुरक्षित होने की रिपोर्ट रेलवे प्रशासन को दी थी। उन्होंने रिपोर्ट में रेल पटरियां और स्लीपरों को आवश्यक रूप से बदलने का जिक्र किया था।
ऋषिकेश स्टेशन के अधिकारियों के मुताबिक अभी तक रेल पटरियां बदलने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यही वजह है कि ऋषिकेश आने-जाने वाली ट्रेनों के लोको पायलट को स्टेशन से रोजाना 50 किमी प्रति घंटा सामान्य गति की बजाए ट्रेन को ऋषिकेश से रायवाला के बीच 30 किमी. प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाने के लिए पत्र दिया जा रहा है। ऐसा हर रोज किया जाता है। रेल पटरियों की हालत को लेकर रेलवे के मुरादाबाद मंडल को भी दो साल पहले रेल पथ निरीक्षण की रिपोर्ट से अवगत कराया गया था। बावजूद अभी तक रिपोर्ट का संज्ञान ही नहीं लिया गया है। रेलवे प्रशासन की इस लापरवाही से रोजाना ऋषिकेश से रायवाला और अन्य क्षेत्रों का सफर करने वाले सैकड़ों लोगों की जान कभी भी खतरे में पड़ सकती है।

आदेश 30 और स्पीड 50 किमी. प्रतिघंटे की
रेल पथ निरीक्षक ने ऋषिकेश आने-जाने वाली ट्रेनों के लिए नॉर्मल 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से भी कम यानि 30 किमी. प्रतिघंटे की स्पीड रखने के आदेश दो साल पहले जारी किए थे। सूत्रों का कहना है कि ऋषिकेश और रायवाला के बीच ट्रैक पर ट्रेनें 30 की बजाए 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ही संचालित हो रही हैं। लिहाजा, खुद लोको पायलट रेल पथ निरीक्षक के दिशा निर्देश को दरकिनार कर हादसे को न्यौता देने में लगे हैं।

कोट्स
ऋषिकेश और रायवाला के बीच ट्रैक की पटरियां बदलने की रिपोर्ट रेल पथ निरीक्षक ने दी थी, इसकी जानकारी नहीं है। मैंने अभी ज्वाइनिंग ली है। सोमवार को कार्यालय पहुंचकर वर्तमान स्थिति की जानकारी लेकर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
-- शरद श्रीवास्तव, एडीआरएम, उत्तर रेलवे, मुरादाबाद मंडल

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