{"_id":"59f8ab4d4f1c1bcc538ba1ab","slug":"15094690916-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्मनगरी को उत्पाती खूंखार बंदरों से मिलेगा छुटकारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्मनगरी को उत्पाती खूंखार बंदरों से मिलेगा छुटकारा
Updated Tue, 31 Oct 2017 10:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
धर्मनगरी के वाशिंदों तथा तीर्थयात्रियों को उत्पाती खूंखार कटखने बंदरों से जल्दी छुटकारा मिलने की उम्मीद है। वन प्रभाग हरिद्वार ने शहरी क्षेत्र में बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया है। विभिन्न क्षेत्रों से 150 खूंखार बंदरों को पिंजरे में कैद कर वन विभाग के रेसक्यू सेंटर चिड़ियापुर पहुंचा दिया है।
मंगलवार को भूपतवाला क्षेत्र के कई स्थानों पर पिंजरा लगाकर बंदरों को पकड़ा गया है। वन क्षेत्राधिकारी ने महेश सेमवाल ने बताया कि शहरों को उत्पाती बंदरों से निजात दिलाने के लिए अभियान एक सप्ताह तक चलेगा। कनखल के दरिद्रभजन मंदिर, सतीघाट, श्मशानघाट के क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों से अपने क्षेत्र को बंदरों से मुक्त कराने की मांग की है। श्मशान घाट पर बंदरों शवों के अंतिम संस्कार के लिए लाए गए पिंड तथा अर्थी से फल-फूल उठाकर भाग जाते हैं। कई लोगों को काटकर अस्पताल पहुंचा चुके हैं। मंशा देवी मंदिर मार्ग, चंडी देवी मंदिर मार्ग दर्शनार्थियों के प्रसाद लेकर मंदिर पहुंचना और लौटना जोखिम भरा हो गया है। कुशावर्त घाट पर पिंडदान कराना मुश्किल हो गया है। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि कुछ स्थानों को तो विभाग ने चिह्नित किया है। इसके अलावा शहरवासियों द्वारा बताने पर उन क्षेत्रों से भी बंदरों को पकड़ कर रेयक्यू सेंटर भेजा जाएगा।
हरिद्वार।
धर्मनगरी के वाशिंदों तथा तीर्थयात्रियों को उत्पाती खूंखार कटखने बंदरों से जल्दी छुटकारा मिलने की उम्मीद है। वन प्रभाग हरिद्वार ने शहरी क्षेत्र में बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया है। विभिन्न क्षेत्रों से 150 खूंखार बंदरों को पिंजरे में कैद कर वन विभाग के रेसक्यू सेंटर चिड़ियापुर पहुंचा दिया है।
मंगलवार को भूपतवाला क्षेत्र के कई स्थानों पर पिंजरा लगाकर बंदरों को पकड़ा गया है। वन क्षेत्राधिकारी ने महेश सेमवाल ने बताया कि शहरों को उत्पाती बंदरों से निजात दिलाने के लिए अभियान एक सप्ताह तक चलेगा। कनखल के दरिद्रभजन मंदिर, सतीघाट, श्मशानघाट के क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों से अपने क्षेत्र को बंदरों से मुक्त कराने की मांग की है। श्मशान घाट पर बंदरों शवों के अंतिम संस्कार के लिए लाए गए पिंड तथा अर्थी से फल-फूल उठाकर भाग जाते हैं। कई लोगों को काटकर अस्पताल पहुंचा चुके हैं। मंशा देवी मंदिर मार्ग, चंडी देवी मंदिर मार्ग दर्शनार्थियों के प्रसाद लेकर मंदिर पहुंचना और लौटना जोखिम भरा हो गया है। कुशावर्त घाट पर पिंडदान कराना मुश्किल हो गया है। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि कुछ स्थानों को तो विभाग ने चिह्नित किया है। इसके अलावा शहरवासियों द्वारा बताने पर उन क्षेत्रों से भी बंदरों को पकड़ कर रेयक्यू सेंटर भेजा जाएगा।
विज्ञापन