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राम मंदिर और ताज महल की तरह विख्यात होगी माया देवी
Updated Sat, 07 Oct 2017 10:55 PM IST
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कौशल सिखौला
हरिद्वार।
हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी माया देवी को अगले कुंभ तक अयोध्या के प्रस्तावित राम मंदिर और ताजमहल की तरह विख्यात बनाने की तैयारियां शुरू हो गई है। इसके लिए केंद्र सरकार के उड्डयन मंत्रालय, प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा हरिद्वार- रुडक़ी विकास प्राधिकरण को मानचित्र दे दिए गए हैं। प्रस्तावित मंदिर की डिजाईनिंग प्रख्यात डिजाइनर सोमपुरा ने की है। अयोध्या के राम मंदिर और हरिद्वार के भारत माता मंदिर के मानचित्र भी सोमपुरा ने ही बनाए हैं।
माया देवी वह स्थल है, जहां अपने पिता राजा दक्ष के यज्ञ में दग्ध होने के बाद सती की देह शिव दूत वीरभद्र द्वारा रखी गई थी। इसी स्थल से भगवान शंकर सती की देह उठाकर चले और जहां जहां उनके अंग टूट टूट कर गिरते रहे, वहां वहां 52 शक्तिपीठ बन गई। नागा संन्यासियों के सबसे बड़े जूना अखाड़े ने अब इस प्राचीन माया देवी मंदिर का नवीनीकरण कराने का फैसला किया है। मूल गर्भगृह यथावत रखा जाएगा। इसके ऊपर 251 फीट ऊंचा मंदिर तैयार होगा। इतनी ऊंचाई का कोई भी मंदिर देश में नहीं है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पहले ही जूना अखाड़े से कह दिया है कि राज्य सरकार मंदिर की अनुमति देगी और अखाड़े को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराएगी। मंदिर बहुत ऊंचा होने से इसकी अनुमति भारत सरकार के उड्डयन मंत्रालय से मिलनी जरूरी है। मायादेवी के साथ साथ जूना अखाड़ा परिसर स्थित प्राचीन आनंद भैरव मंदिर का भी जीर्णोद्धार तथा नवीनीकरण किया जाएगा। इसके लिए भी मानचित्र सोमपुरा तैयार कर रहे हैं। अखाड़े की श्रीमहंत हरि गिरी ने बताया कि यह मंदिर विश्व का सबसे ऊंचा मंदिर बनेगा। अखाड़ा इसके लिए अपनी माया देवी प्रांगण स्थित अन्य भूमि भी उपयोग करेगा तथा इस मंदिर पर सैकड़ों करोड़ रुपया खर्च किया जाएगा। गुजरात के डिजाइनर सोमपुरा खुद हरिद्वार में रहकर अपने सामने मंदिर बनवाएंगे।
जूना अखाड़े की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दस अक्तूबर को हरिद्वार में हो रही बैठक में इसके लिए बजट पारित किया जाएगा। अखाड़ा परिषद ने वर्ष 2021 के हरिद्वार कुंभ के लिए हरित कुंभ- स्वच्छ कुंभ का नारा उत्तराखंड सरकार को भेजा है। अखाड़ा चाहता है कि मंदिर निर्माण एवं जीर्णोद्धार का कार्य इसी वर्ष दिसंबर में प्रारंभ हो जाए। इसके लिए मानचित्र पारित कराने हेतु जोर शोर से प्रयास राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बाद शुरू कर दिए जाएंगे।
हरिद्वार।
हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी माया देवी को अगले कुंभ तक अयोध्या के प्रस्तावित राम मंदिर और ताजमहल की तरह विख्यात बनाने की तैयारियां शुरू हो गई है। इसके लिए केंद्र सरकार के उड्डयन मंत्रालय, प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा हरिद्वार- रुडक़ी विकास प्राधिकरण को मानचित्र दे दिए गए हैं। प्रस्तावित मंदिर की डिजाईनिंग प्रख्यात डिजाइनर सोमपुरा ने की है। अयोध्या के राम मंदिर और हरिद्वार के भारत माता मंदिर के मानचित्र भी सोमपुरा ने ही बनाए हैं।
माया देवी वह स्थल है, जहां अपने पिता राजा दक्ष के यज्ञ में दग्ध होने के बाद सती की देह शिव दूत वीरभद्र द्वारा रखी गई थी। इसी स्थल से भगवान शंकर सती की देह उठाकर चले और जहां जहां उनके अंग टूट टूट कर गिरते रहे, वहां वहां 52 शक्तिपीठ बन गई। नागा संन्यासियों के सबसे बड़े जूना अखाड़े ने अब इस प्राचीन माया देवी मंदिर का नवीनीकरण कराने का फैसला किया है। मूल गर्भगृह यथावत रखा जाएगा। इसके ऊपर 251 फीट ऊंचा मंदिर तैयार होगा। इतनी ऊंचाई का कोई भी मंदिर देश में नहीं है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पहले ही जूना अखाड़े से कह दिया है कि राज्य सरकार मंदिर की अनुमति देगी और अखाड़े को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराएगी। मंदिर बहुत ऊंचा होने से इसकी अनुमति भारत सरकार के उड्डयन मंत्रालय से मिलनी जरूरी है। मायादेवी के साथ साथ जूना अखाड़ा परिसर स्थित प्राचीन आनंद भैरव मंदिर का भी जीर्णोद्धार तथा नवीनीकरण किया जाएगा। इसके लिए भी मानचित्र सोमपुरा तैयार कर रहे हैं। अखाड़े की श्रीमहंत हरि गिरी ने बताया कि यह मंदिर विश्व का सबसे ऊंचा मंदिर बनेगा। अखाड़ा इसके लिए अपनी माया देवी प्रांगण स्थित अन्य भूमि भी उपयोग करेगा तथा इस मंदिर पर सैकड़ों करोड़ रुपया खर्च किया जाएगा। गुजरात के डिजाइनर सोमपुरा खुद हरिद्वार में रहकर अपने सामने मंदिर बनवाएंगे।
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जूना अखाड़े की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दस अक्तूबर को हरिद्वार में हो रही बैठक में इसके लिए बजट पारित किया जाएगा। अखाड़ा परिषद ने वर्ष 2021 के हरिद्वार कुंभ के लिए हरित कुंभ- स्वच्छ कुंभ का नारा उत्तराखंड सरकार को भेजा है। अखाड़ा चाहता है कि मंदिर निर्माण एवं जीर्णोद्धार का कार्य इसी वर्ष दिसंबर में प्रारंभ हो जाए। इसके लिए मानचित्र पारित कराने हेतु जोर शोर से प्रयास राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बाद शुरू कर दिए जाएंगे।
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