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गढ़वाल विवि के वित अधिकारी के खिलाफ कर्मचारियों व छात्रों का धरना प्रदर्शन
Updated Wed, 04 Oct 2017 10:03 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के वित्त अधिकारी के खिलाफ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों व छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। छात्रों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने वित्त अधिकारी को हटाने की मांग के लिए कुलपति कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। प्रति कुलपति प्रो. डीएस नेगी ने कुलपति के मुख्यालय पहुंचने पर स्थिति से अवगत कराए जाने की बात कही है।
गढ़वाल विवि के वित्त अधिकारी डा. पदमाकर मिश्र को कार्य से विरत कर उनके खिलाफ उच्च स्तरीय जांच की मांग के लिए शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने कुलपति कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष नरेश खंडूड़ी ने कहा कि वित्त अधिकारी ने एक वर्ष तक वेतन में अतिरिक्त धनराशि ली है। जब इस बात का पता कर्मचारियों को लगा तो उन्होंने वेतन में ली गई अतिरिक्त धनराशि विवि के खाते में जमा करा दी। पूर्व महासचिव मनोज रतूड़ी ने कहा कि वित्त अधिकारी ने बिना ब्याज के धनराशि लौटाई है। परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी व महासचिव सुनील रावत ने कहा कि कमेटी गठित कर पूरे प्रकरण की जांच की जानी चाहिए। प्रति कुलपति प्रो. डीएस नेगी ने कहा कि कुलपति के मुख्यालय पहुंचने पर पूरे प्रकरण से कुलपति को अवगत कराया जाएगा।
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कार्यालय में पहुंचते ही वित्त अधिकारी का घेराव
श्रीनगर। कार्यालय पहुंचते ही बुधवार देर शाम कर्मचारियों ने वित्त अधिकारी का घेराव किया। इस दौरान विवि कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, सचिव सुनील रावत, सुनील भट्ट, नरेश खंडूड़ी, संतोष ममगांई, देवेंद्र आदि कर्मचारियों ने कहा कि जब तक कुलपति द्वारा गठित की जा रही कमेटी की रिपोर्ट नहीं आ जाती है तब तक वित्त अधिकारी को कार्यालय में नहीं बैठने दिया जाएगा।
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वित्त अधिकारी का पक्ष
मेरे ऊपर लगाए जा रहे सारे आरोप बेबुनियाद हैं। जुलाई 2016 में दिल्ली विवि से सेवानिवृत्त होने के बाद पेंशन निर्धारित होने पर विवि को वेतन में से पेंशन की धनराशि कटौती किए जाने को लेकर मेरे द्वारा पत्र दे दिया गया था, लेकिन मेरे पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जून 2017 में मुझे 11 माह की पेंशन एक साथ मिली। इस बारे में भी विवि को अवगत करा दिया गया था। इस दौरान पेंशन के साथ मिले वेतन में से पेंशन की राशि कटौती कर विवि में जमा करा दी गई है। मैं नियमों के तहत कार्य कर रहा हूं।
डा. पदमाकर मिश्रा, वित्त अधिकारी, गढ़वाल
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गढ़वाल विवि के वित्त अधिकारी डा. पदमाकर मिश्र को कार्य से विरत कर उनके खिलाफ उच्च स्तरीय जांच की मांग के लिए शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने कुलपति कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष नरेश खंडूड़ी ने कहा कि वित्त अधिकारी ने एक वर्ष तक वेतन में अतिरिक्त धनराशि ली है। जब इस बात का पता कर्मचारियों को लगा तो उन्होंने वेतन में ली गई अतिरिक्त धनराशि विवि के खाते में जमा करा दी। पूर्व महासचिव मनोज रतूड़ी ने कहा कि वित्त अधिकारी ने बिना ब्याज के धनराशि लौटाई है। परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी व महासचिव सुनील रावत ने कहा कि कमेटी गठित कर पूरे प्रकरण की जांच की जानी चाहिए। प्रति कुलपति प्रो. डीएस नेगी ने कहा कि कुलपति के मुख्यालय पहुंचने पर पूरे प्रकरण से कुलपति को अवगत कराया जाएगा।
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कार्यालय में पहुंचते ही वित्त अधिकारी का घेराव
श्रीनगर। कार्यालय पहुंचते ही बुधवार देर शाम कर्मचारियों ने वित्त अधिकारी का घेराव किया। इस दौरान विवि कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, सचिव सुनील रावत, सुनील भट्ट, नरेश खंडूड़ी, संतोष ममगांई, देवेंद्र आदि कर्मचारियों ने कहा कि जब तक कुलपति द्वारा गठित की जा रही कमेटी की रिपोर्ट नहीं आ जाती है तब तक वित्त अधिकारी को कार्यालय में नहीं बैठने दिया जाएगा।
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वित्त अधिकारी का पक्ष
मेरे ऊपर लगाए जा रहे सारे आरोप बेबुनियाद हैं। जुलाई 2016 में दिल्ली विवि से सेवानिवृत्त होने के बाद पेंशन निर्धारित होने पर विवि को वेतन में से पेंशन की धनराशि कटौती किए जाने को लेकर मेरे द्वारा पत्र दे दिया गया था, लेकिन मेरे पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जून 2017 में मुझे 11 माह की पेंशन एक साथ मिली। इस बारे में भी विवि को अवगत करा दिया गया था। इस दौरान पेंशन के साथ मिले वेतन में से पेंशन की राशि कटौती कर विवि में जमा करा दी गई है। मैं नियमों के तहत कार्य कर रहा हूं।
डा. पदमाकर मिश्रा, वित्त अधिकारी, गढ़वाल