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स्वच्छता पखवाड़े की शुरुआत करने पहुंचे पंचायत अधिकारी लौटे बैरंग
Updated Mon, 02 Oct 2017 10:23 PM IST
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देवप्रयाग। तुणगी व भ्वींट गांवों में स्वच्छता पखवाड़े की शुरुआत करने आए ग्राम पंचायत अधिकारी को ग्रामीणों का आक्रोश झेलना पड़ा। अधिकारी गांव में स्वच्छता पखवाड़े की शुरूआत का कार्यक्रम लेकर पहुंचे थे, लेकिन गांव को नगरपालिका में शामिल करने से गुस्साएं ग्रामीणों ने अधिकारी को बैरंग लौटा दिया।
सोमवार को ग्राम समृद्धि व स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम का ब्योरा लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी आजाद वीर तुणगी गांव स्थित पंचायत घर पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने उनको घेरते हुए सवाल किया कि सरकार उन्हें नगर पालिका में शामिल करने को क्यों उतारू है। आक्रोशित महिलाओं ने कहा कि इससे उन्हें मनरेगा का काम नहीं मिलेगा और यहां भी ठेकेदारों के जरिए काम होंगे। पंचायत अधिकारी ने गुस्साए ग्रामीणों को 15 दिनों के कार्यक्रम बताने की कोशिश की, जो बेकार रही। ग्रामीण एक ही बात कहते रहे कि जब तक उनके गांवों को नगर पालिका में शामिल करने का प्रस्ताव वापस नही होता, तब तक वह किसी सरकारी कार्यक्रम को नहीं होने देंगे। मामला बढ़ता देख पंचायत अधिकारी ने मौके से खिसकना ही बेहतर समझा। नाराजगी जताने वालों में ग्राम प्रधान तुणगी कविता कैंतुरा, प्रधान भ्वींट सारिका रावत, धनेश सिंह, मंगल सिंह, उजला देवी, ममता, सूरत सिंह व अर्जुन सिंह आदि शामिल थे। इधर, ग्राम पंचायत अधिकारी आजाद वीर के अनुसार ग्रामीण उनकी सुने या न सुने, वह 15 दिनों तक गांव में अपनी ड्यूटी निभाते रहना है।
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सोमवार को ग्राम समृद्धि व स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम का ब्योरा लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी आजाद वीर तुणगी गांव स्थित पंचायत घर पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने उनको घेरते हुए सवाल किया कि सरकार उन्हें नगर पालिका में शामिल करने को क्यों उतारू है। आक्रोशित महिलाओं ने कहा कि इससे उन्हें मनरेगा का काम नहीं मिलेगा और यहां भी ठेकेदारों के जरिए काम होंगे। पंचायत अधिकारी ने गुस्साए ग्रामीणों को 15 दिनों के कार्यक्रम बताने की कोशिश की, जो बेकार रही। ग्रामीण एक ही बात कहते रहे कि जब तक उनके गांवों को नगर पालिका में शामिल करने का प्रस्ताव वापस नही होता, तब तक वह किसी सरकारी कार्यक्रम को नहीं होने देंगे। मामला बढ़ता देख पंचायत अधिकारी ने मौके से खिसकना ही बेहतर समझा। नाराजगी जताने वालों में ग्राम प्रधान तुणगी कविता कैंतुरा, प्रधान भ्वींट सारिका रावत, धनेश सिंह, मंगल सिंह, उजला देवी, ममता, सूरत सिंह व अर्जुन सिंह आदि शामिल थे। इधर, ग्राम पंचायत अधिकारी आजाद वीर के अनुसार ग्रामीण उनकी सुने या न सुने, वह 15 दिनों तक गांव में अपनी ड्यूटी निभाते रहना है।
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