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अमृत गंगा पेयजल योजना पर फिल्टर न होने से गोपेश्वर में बंद पड़े दो सौ पेयजल कनेक्शन
Updated Sat, 19 Aug 2017 10:28 PM IST
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गोपेश्वर। अमृत गंगा पेयजल योजना के मुख्य स्रोत पर फिल्टर न होने से कूड़ा और मिट्टी फंसी हुई है, जिससे गोपेश्वर नगर में करीब 200 पेयजल कनेक्शन बंद पड़े हैं। उपभोक्ताओं की ओर से कई बार शिकायत करने पर भी जल संस्थान की ओर से पेयजल लाइनों पर सुचारु पेयजल सप्लाई नहीं की जा रही है। वहीं, जिन कनेक्शनों पर पेयजल सप्लाई हो भी रही है, वहां पानी के साथ मिट्टी, कंकरीट और कूड़ा निकल रहा है।
वर्ष 2015 में नगर में करोड़ों की लागत से निर्मित अमृत गंगा पेयजल योजना पर पानी सप्लाई किया गया, लेकिन योजना के मुख्य स्रोत पर फिल्टर की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे बारिश में नलों पर पानी के साथ मिट्टी और कूड़ा सप्लाई हो रहा है। ऐसे में नगर के करीब अट्ठारह हजार उपभोक्ता मिट्टीयुक्त पानी पी रहे हैं और जल जनित रोग की चपेट में आ रहे हैं। अरविंद नेगी और विनोद रावत का कहना है कि चार दिनों से पानी की सप्लाई ठप पड़ी है, जिससे पीने के पानी की व्यवस्था करना मुश्किल बना है। मनोज सिंह और मनमोहन का कहना है कि हल्दापानी, सुभाष नगर, नैग्वाड़ और पटियालधार में कई कनेक्शन चार दिनों से बंद पड़े हैं। इधर, जल संस्थान के सहायक अभियंता अरुण गुप्ता का कहना है कि बारिश से अमृत गंगा पेयजल लाइन बाधित हो गई थी, जिससे कई पेयजल कनेक्शन भी बंद हो गए थे। संस्थान के फीटर लाइनों को सुचारु करने में जुटे हुए हैं। योजना के मुख्य स्रोत पर जल निगम की ओर से जल्द फिल्टर की व्यवस्था की जाएगी।
वर्ष 2015 में नगर में करोड़ों की लागत से निर्मित अमृत गंगा पेयजल योजना पर पानी सप्लाई किया गया, लेकिन योजना के मुख्य स्रोत पर फिल्टर की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे बारिश में नलों पर पानी के साथ मिट्टी और कूड़ा सप्लाई हो रहा है। ऐसे में नगर के करीब अट्ठारह हजार उपभोक्ता मिट्टीयुक्त पानी पी रहे हैं और जल जनित रोग की चपेट में आ रहे हैं। अरविंद नेगी और विनोद रावत का कहना है कि चार दिनों से पानी की सप्लाई ठप पड़ी है, जिससे पीने के पानी की व्यवस्था करना मुश्किल बना है। मनोज सिंह और मनमोहन का कहना है कि हल्दापानी, सुभाष नगर, नैग्वाड़ और पटियालधार में कई कनेक्शन चार दिनों से बंद पड़े हैं। इधर, जल संस्थान के सहायक अभियंता अरुण गुप्ता का कहना है कि बारिश से अमृत गंगा पेयजल लाइन बाधित हो गई थी, जिससे कई पेयजल कनेक्शन भी बंद हो गए थे। संस्थान के फीटर लाइनों को सुचारु करने में जुटे हुए हैं। योजना के मुख्य स्रोत पर जल निगम की ओर से जल्द फिल्टर की व्यवस्था की जाएगी।
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