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ट्रांसफार्मर प्रकरण में एमडी ने ली अफसरों की क्लास
Updated Sun, 01 Jul 2018 02:16 AM IST
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ट्रांसफार्मर प्रकरण में एमडी ने ली अफसरों की क्लास
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के झाझरा स्थित पावर सब स्टेशन में करीब पांच करोड़ की कीमत के 80 एमवी क्षमता के ट्रांसफार्मर फुंकने के मामले में प्रबंध निदेशक कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने अफसरों की जमकर क्लास ली। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने इससे जुड़े दस्तावेजों को भी कब्जे में ले लिया। दूसरी ओर एमडी ने पिटकुल की 16 बड़ी परियोजनाओं की लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने अफसराें को चेतावनी दी कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पिटकुल के झाझरा स्थित पावर सब स्टेशन में निजी कंपनी आईएमपी की मदद से 80 एमवी क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया गया था। 15 मार्च 2017 को जैसे ही ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत किया गया तो वह धमाके साथ फुंक गया। जिससे पिटकुल को करोड़ाें रुपये का नुकसान हो गया। प्रकरण की आईआईटी रुड़की व सीपीआरआई बंगलूरू के विशेषज्ञों से जांच कराई गई। जांच में दोनों संस्थानों के विशेषज्ञों ने ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व सचिव ऊर्जा राधिका झा भी झाझरा प्रकरण से जुड़ी तमाम कागजात तलब कर चुकी है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के झाझरा स्थित पावर सब स्टेशन में करीब पांच करोड़ की कीमत के 80 एमवी क्षमता के ट्रांसफार्मर फुंकने के मामले में प्रबंध निदेशक कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने अफसरों की जमकर क्लास ली। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने इससे जुड़े दस्तावेजों को भी कब्जे में ले लिया। दूसरी ओर एमडी ने पिटकुल की 16 बड़ी परियोजनाओं की लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने अफसराें को चेतावनी दी कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पिटकुल के झाझरा स्थित पावर सब स्टेशन में निजी कंपनी आईएमपी की मदद से 80 एमवी क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया गया था। 15 मार्च 2017 को जैसे ही ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत किया गया तो वह धमाके साथ फुंक गया। जिससे पिटकुल को करोड़ाें रुपये का नुकसान हो गया। प्रकरण की आईआईटी रुड़की व सीपीआरआई बंगलूरू के विशेषज्ञों से जांच कराई गई। जांच में दोनों संस्थानों के विशेषज्ञों ने ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
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उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व सचिव ऊर्जा राधिका झा भी झाझरा प्रकरण से जुड़ी तमाम कागजात तलब कर चुकी है।