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काशीपुर से श्रीनगर के बीच 1117 करोड़ की लागत से बिछायी जाएगी पावरग्रिड लाइन
Updated Sun, 01 Jul 2018 02:16 AM IST
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काशीपुर से श्रीनगर तक खींची जाएगी पावरग्रिड लाइन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक काशीपुर-श्रीनगर के बीच 191 किमी की पावरग्रिड लाइन के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक नए सिरे से 1117 करोड़ रुपये देने पर सहमत हो गया है। एडीबी की ओर से सैद्धांतिक सहमति दिए जाने के बाद शासन और पिटकुल अफसराें ने राहत की सांस ली है।
उल्लेखनीय है कि पिटकुल की ओर से काशीपुर और श्रीनगर के बीच 191 किमी लंबी पावरग्रिड लाइन खींची जानी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 2014 में ही स्वीकृति दे दी गई थी। एडीबी इस परियोजना के लिए 530 करोड़ रुपये देने पर सहमत हो गया था, लेकिन पिटकुल अफसरों की लापरवाही के चलते योजना बंद हो गई थी
अब एडीबी नए सिरे से 1117 करोड़ रुपये देने पर राजी हो गया है। एडीबी की ओर से परियोजना के लिए बजट देने पर सैद्धांतिक सहमति दिए जाने के बाद पिटकुल अफसरों ने राहत की सांस ली है। यूपीसीएल के निदेशक अतुल कुमार अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड ट्रांसमिशन स्ट्रेंथनिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन इंप्रूवमेंट प्रोग्राम (यूटीएसडीआईपी) के तहत एडीबी ने बजट जारी करने को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इस संबंध में पिटकुल, यूपीसीएल व एडीबी के अफसरों की कई दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं।
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दोगुनी हो गई परियोजना की लागत
पिटकुल अफसरों के मुताबिक 2014 मेें इस परियोजना के लिए 530 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। तब कोबरा कंपनी को टेंडर भी दे दिया गया था। पिटकुल की ओर से 53 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान भी कर दिया गया, लेकिन बाद में कंपनी ने कार्य छोड़ दिया। बाद में एडीबी ने बजट देने से ही इंकार कर दिया। फिलहाल ऊर्जा सचिव के साथ एडीबी व केंद्र सरकार के अफसरों के बीच हुई कई दौर की वार्ता के बाद एडीबी नए सिरे से बजट देने पर सहमत हो गया है।
परियोजना में 40 किमी अतिरिक्त लाइन खींचनी पड़ेगी
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जिम कार्बेट से ऊपर से लाइन ले जाने की मंजूरी नहीं मिलने से परियोजना में अब 40 किमी अतिरिक्त लाइन खींचनी पड़ेगी। पिटकुल अफसरों के मुताबिक अब 151 किमी की जगह 191 किमी लाइन खींचनी पड़ेगी। साथ ही परियोजना में चार साल की देरी की वजह से इसकी लागत भी 530 करोड़ से बढ़कर 1117 करोड़ हो गई है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक काशीपुर-श्रीनगर के बीच 191 किमी की पावरग्रिड लाइन के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक नए सिरे से 1117 करोड़ रुपये देने पर सहमत हो गया है। एडीबी की ओर से सैद्धांतिक सहमति दिए जाने के बाद शासन और पिटकुल अफसराें ने राहत की सांस ली है।
उल्लेखनीय है कि पिटकुल की ओर से काशीपुर और श्रीनगर के बीच 191 किमी लंबी पावरग्रिड लाइन खींची जानी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 2014 में ही स्वीकृति दे दी गई थी। एडीबी इस परियोजना के लिए 530 करोड़ रुपये देने पर सहमत हो गया था, लेकिन पिटकुल अफसरों की लापरवाही के चलते योजना बंद हो गई थी
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अब एडीबी नए सिरे से 1117 करोड़ रुपये देने पर राजी हो गया है। एडीबी की ओर से परियोजना के लिए बजट देने पर सैद्धांतिक सहमति दिए जाने के बाद पिटकुल अफसरों ने राहत की सांस ली है। यूपीसीएल के निदेशक अतुल कुमार अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड ट्रांसमिशन स्ट्रेंथनिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन इंप्रूवमेंट प्रोग्राम (यूटीएसडीआईपी) के तहत एडीबी ने बजट जारी करने को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इस संबंध में पिटकुल, यूपीसीएल व एडीबी के अफसरों की कई दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं।
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दोगुनी हो गई परियोजना की लागत
पिटकुल अफसरों के मुताबिक 2014 मेें इस परियोजना के लिए 530 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। तब कोबरा कंपनी को टेंडर भी दे दिया गया था। पिटकुल की ओर से 53 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान भी कर दिया गया, लेकिन बाद में कंपनी ने कार्य छोड़ दिया। बाद में एडीबी ने बजट देने से ही इंकार कर दिया। फिलहाल ऊर्जा सचिव के साथ एडीबी व केंद्र सरकार के अफसरों के बीच हुई कई दौर की वार्ता के बाद एडीबी नए सिरे से बजट देने पर सहमत हो गया है।
परियोजना में 40 किमी अतिरिक्त लाइन खींचनी पड़ेगी
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जिम कार्बेट से ऊपर से लाइन ले जाने की मंजूरी नहीं मिलने से परियोजना में अब 40 किमी अतिरिक्त लाइन खींचनी पड़ेगी। पिटकुल अफसरों के मुताबिक अब 151 किमी की जगह 191 किमी लाइन खींचनी पड़ेगी। साथ ही परियोजना में चार साल की देरी की वजह से इसकी लागत भी 530 करोड़ से बढ़कर 1117 करोड़ हो गई है।