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जीएसटी मुक्त की जाएं लंगर की वस्तुएं
Updated Sun, 08 Apr 2018 02:20 AM IST
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जीएसटी मुक्त की जाएं लंगर की वस्तुएं
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा ने सरकार से लंगर में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को जीएसटी मुक्त करने की मांग की है। सभा के पदाधिकारियों ने बताया गया है कि जीएसटी लागू होने के बाद लंगर में इस्तेमाल होने वाली कई खाद्य वस्तुएं महंगी हो गई हैं। जिससे लंगर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
शनिवार को गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा आढ़त बाजार के अध्यक्ष राजिंदर सिंह ने बताया कि गुरुद्वारों में आने वाले सभी लोगों को लंगर में मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया जाता है। देशभर के गुरुद्वारा में रोजाना लाखों लोग लंगर में भोजन ग्रहण करते हैं। अनेक लोगों के सहयोग से यह व्यवस्था 535 वर्षों से गुरु नानक देव जी के समय से अनवरत चल रही है। उन्होंने कहा कि लंगर में आटा, दाल, दूध, देशी घी, रिफाइंड, चाय, चीनी, दूध पाउडर आदि इस्तेमाल होते हैं। पिछले वर्ष देश में लागू हुई जीएसटी से लंगर में इस्तेमाल होने वाली कुछ खाद्य वस्तुएं महंगी हो गई हैं।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में पिछले दिनों भाजपा और अकाली दल का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से भी मिला था। उन्होंने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया है। सभा के सचिव गुलजार ने बताया कि इस मामले में जल्द ही सिख समाज की बैठक भी आयोजित की जाएगी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा ने सरकार से लंगर में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को जीएसटी मुक्त करने की मांग की है। सभा के पदाधिकारियों ने बताया गया है कि जीएसटी लागू होने के बाद लंगर में इस्तेमाल होने वाली कई खाद्य वस्तुएं महंगी हो गई हैं। जिससे लंगर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
शनिवार को गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा आढ़त बाजार के अध्यक्ष राजिंदर सिंह ने बताया कि गुरुद्वारों में आने वाले सभी लोगों को लंगर में मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया जाता है। देशभर के गुरुद्वारा में रोजाना लाखों लोग लंगर में भोजन ग्रहण करते हैं। अनेक लोगों के सहयोग से यह व्यवस्था 535 वर्षों से गुरु नानक देव जी के समय से अनवरत चल रही है। उन्होंने कहा कि लंगर में आटा, दाल, दूध, देशी घी, रिफाइंड, चाय, चीनी, दूध पाउडर आदि इस्तेमाल होते हैं। पिछले वर्ष देश में लागू हुई जीएसटी से लंगर में इस्तेमाल होने वाली कुछ खाद्य वस्तुएं महंगी हो गई हैं।
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उन्होंने बताया कि इस संबंध में पिछले दिनों भाजपा और अकाली दल का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से भी मिला था। उन्होंने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया है। सभा के सचिव गुलजार ने बताया कि इस मामले में जल्द ही सिख समाज की बैठक भी आयोजित की जाएगी।
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