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खुले में शौच मुक्त हुआ श्रीनगर
Updated Thu, 22 Jun 2017 09:47 PM IST
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श्रीनगर। श्रीनगर पालिका क्षेत्र को जल्द ही भारत सरकार से खुले में शौच मुक्त होने का प्रमाण पत्र मिलेगा। प्रमाण पत्र के लिए केवल कागजी कार्रवाही ही शेष रह गई हैं। श्रीनगर शहर वर्तमान में खुले में शौच मुक्त हो गया है।
पालिका अध्यक्ष विपिन मैठानी ने बताया कि पालिका क्षेत्र को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए नवंबर 2015 से मुहिम शुरू की गई थी। इसके तहत पालिका क्षेत्र में 85 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया गया है। जबकि 12 सामूहिक शौचालय पालिका क्षेत्र में पूर्व से ही निर्मित हैं। इनमें सुलभ शौचालय भी शामिल हैं। मैठानी ने बताया कि पूर्व में वार्ड संख्या तीन व सात में कुछ कमी थी, लेकिन अब यह दोनों वार्ड भी पूरी तरह खुले में शौच मुक्त हो चुके हैं। स्वच्छ भारत अभियान के राज्य मिशन मैनेजर रविशंकर बिष्ट ने बताया कि श्रीनगर को खुले में शौच मुक्त घोषित किए जाने के लिए औपचारिकताएं रह गई हैं। इसके तहत क्षेत्र के सभी स्कूली छात्रों, अभिभावकों व शिक्षकों के साथ ही सामाजिक संस्थाओं से सर्वेक्षण कराया गया है। सर्वेक्षण की रिपोर्ट पालिका राज्य सरकार को सौंपेगी। राज्य सरकार इस रिपोर्ट को भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय को सौंपेगी। मंत्रालय की टीम शहर का स्थलीय निरीक्षण कर पालिका को खुले में शौच मुक्त का प्रमाण पत्र जारी करेगी। बिष्ट ने कहा कि प्रमाण पत्र छह माह के लिए दिया जाता है। हर छह माह में प्रमाण पत्र का नवीनीकरण होता है।
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पालिका अध्यक्ष विपिन मैठानी ने बताया कि पालिका क्षेत्र को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए नवंबर 2015 से मुहिम शुरू की गई थी। इसके तहत पालिका क्षेत्र में 85 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया गया है। जबकि 12 सामूहिक शौचालय पालिका क्षेत्र में पूर्व से ही निर्मित हैं। इनमें सुलभ शौचालय भी शामिल हैं। मैठानी ने बताया कि पूर्व में वार्ड संख्या तीन व सात में कुछ कमी थी, लेकिन अब यह दोनों वार्ड भी पूरी तरह खुले में शौच मुक्त हो चुके हैं। स्वच्छ भारत अभियान के राज्य मिशन मैनेजर रविशंकर बिष्ट ने बताया कि श्रीनगर को खुले में शौच मुक्त घोषित किए जाने के लिए औपचारिकताएं रह गई हैं। इसके तहत क्षेत्र के सभी स्कूली छात्रों, अभिभावकों व शिक्षकों के साथ ही सामाजिक संस्थाओं से सर्वेक्षण कराया गया है। सर्वेक्षण की रिपोर्ट पालिका राज्य सरकार को सौंपेगी। राज्य सरकार इस रिपोर्ट को भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय को सौंपेगी। मंत्रालय की टीम शहर का स्थलीय निरीक्षण कर पालिका को खुले में शौच मुक्त का प्रमाण पत्र जारी करेगी। बिष्ट ने कहा कि प्रमाण पत्र छह माह के लिए दिया जाता है। हर छह माह में प्रमाण पत्र का नवीनीकरण होता है।
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