{"_id":"5b0c64f34f1c1bb06e8b5132","slug":"101527538931-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट न मिलने से अधर में लटकी लखवाड़ जल विद्युत परियोजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजट न मिलने से अधर में लटकी लखवाड़ जल विद्युत परियोजना
Updated Tue, 29 May 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
केंद्र सरकार से बजट प्रोवीजन न होने से यूजेवीएनएल की महत्वाकांक्षी लखवाड़ जल विद्युत परियोजना का काम अधर में लटक गया है। अफसराें का कहना है कि यदि केंद्र सरकार की ओर से बजट का आवंटन कर दिया जाता है तो न सिर्फ इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने में आसानी होगी, वरन् बिजली संकट को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
उत्तराखंड जलविद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) की ओर से 3966 करोड़ लागतवाली लखवाड़ जल विद्युत परियोजना स्थापित की जानी है। इस परियोजना के पूरा होने से 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इसके अलावा उत्तराखंड नई दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, यूपी समेत कई राज्यों को सिंचाई व पीने के लिए पानी भी मिलेगा। यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक एसएम वर्मा का कहना है कि राज्य की दो दर्जन से अधिक जल परियोजनाओं पर पहले से ही एनजीटी समेत अन्य केंद्रीय संस्थानों के स्तर से रोक लगाई जा चुकी है। वहीं लखवाड़ जल विद्युत परियोजना में एनजीटी, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय समेत कई केंद्रीय संस्थानों की ओर से अनुमति मिलने के बावजूद बजट आवंटन नहीं किया गया है। हालांकि लखवाड़ जलविद्युत परियोजना के लिए पूंजी निवेश की अनुमति दी जा चुकी है। बहरहाल निगम की ओर से तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बजट मिलने पर जल्द से जल्द काम शुरू कर किया जाएगा।
विज्ञापन
केंद्र सरकार से बजट प्रोवीजन न होने से यूजेवीएनएल की महत्वाकांक्षी लखवाड़ जल विद्युत परियोजना का काम अधर में लटक गया है। अफसराें का कहना है कि यदि केंद्र सरकार की ओर से बजट का आवंटन कर दिया जाता है तो न सिर्फ इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने में आसानी होगी, वरन् बिजली संकट को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
उत्तराखंड जलविद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) की ओर से 3966 करोड़ लागतवाली लखवाड़ जल विद्युत परियोजना स्थापित की जानी है। इस परियोजना के पूरा होने से 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इसके अलावा उत्तराखंड नई दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, यूपी समेत कई राज्यों को सिंचाई व पीने के लिए पानी भी मिलेगा। यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक एसएम वर्मा का कहना है कि राज्य की दो दर्जन से अधिक जल परियोजनाओं पर पहले से ही एनजीटी समेत अन्य केंद्रीय संस्थानों के स्तर से रोक लगाई जा चुकी है। वहीं लखवाड़ जल विद्युत परियोजना में एनजीटी, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय समेत कई केंद्रीय संस्थानों की ओर से अनुमति मिलने के बावजूद बजट आवंटन नहीं किया गया है। हालांकि लखवाड़ जलविद्युत परियोजना के लिए पूंजी निवेश की अनुमति दी जा चुकी है। बहरहाल निगम की ओर से तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बजट मिलने पर जल्द से जल्द काम शुरू कर किया जाएगा।
विज्ञापन