किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 10 साल की कैद, तीन साल बाद आया फैसला
- मार्च 2016 में किशोरी का अपहरण कर किया था दुष्कर्म
- पीड़िता को विधिक सेवा प्राधिकरण से एक लाख देने के दिए आदेश
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हरिद्वार में किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट ने अभियुक्त को 10 वर्ष का कठोर कारावास और 60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पीड़िता को विधिक सेवा प्राधिकरण से प्रतिकार के रूप में एक लाख रुपये की धनराशि दिलाए जाने के आदेश भी दिए हैं।
विशेष लोक अभियोजक आदेश चंद चौहान ने बताया कि थाना खानपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति की 16 वर्षीय बेटी 17 मार्च 2016 को सुबह दस बजे घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थी।
इसके बाद वह शाम को घर वापस नहीं आई। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल पाया था। इसके बाद पीड़ित ने बेटी की गुमशुदगी थाना खानपुर में दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद पाया कि घटना के 2 दिन पहले पीड़ित के फोन पर एक फोन आया था।
फोन करने वाले ने अपना नाम शौकीन बताया था। पीड़ित के बेटे ने फोन अपने मामा को दे दिया। शौकीन ने उन्हें गाली गलौज करते हुए धमकी दी कि 2 दिन बाद उन्हें पता चल जाएगा।
घटना के 5 दिन बाद उनकी पुत्री का फोन आया कि वह हरिद्वार में है। इसके कुछ दिन बाद शौकीन ने पीड़ित परिजनों को फोन कर बताया कि उनकी पुत्री उसके पास है। इसके बाद पुलिस ने जांच कर आरोपी शौकीन पुत्र मुर्तजा निवासी लंढौरा थाना मंगलौर जिला हरिद्वार को गिरफ्तार कर पीड़िता को बरामद किया था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म पोक्सो एक्ट की धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 8 गवाह पेश किए गए थे।
दोनों पक्षों के साक्ष्यों पर गौर करने व बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ने शौकीन को दोषी पाया। उन्होंने अभियुक्त को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 60 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पीड़िता को प्रतिकार के रूप में एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाए जाने के आदेश भी दिए।