रिटायर्ड डॉक्टर बेच रहा था नशा, कैप्सूल-इंजेक्शन की भारी खेप बरामद
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सरकारी नौकरी से रिटायर्ड आयुर्वेदिक डॉक्टर नशे का कारोबार कर रहा था। पुलिस ने क्लीनिक से नशे की भारी खेप बरामद की है। मामला हिमाचल के कांगड़ा जिले का है। प्रतिबंधित दवाइयों की खेप पकड़ने के लिए पुलिस ने निजी क्लीनिक में छापामारी की। यह क्लीनिक नगरोटा बगवां बस अड्डे के पास है।
पुलिस ने क्लीनिक और डॉक्टर के घर से प्रतिबंधित दवाइयों की भारी खेप बरामद की है। मामले में क्लीनिक चलाने वाले आयुर्वेदिक डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि डॉक्टर प्रैक्टिस की आड़ में नशे की दवाइयों का कारोबार कर रहा था।
पुलिस को भी आरोपी के खिलाफ स्कूल और कॉलेज के बच्चों को नशे के कैप्सूल बेचने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उक्त क्लीनिक में दबिश दी। पुलिस लंबे समय से क्लीनिक पर नजर रखे हुए थी।
बैंक खातों और संपत्ति की भी होगी जांच
वीरवार देर शाम को यह कार्रवाई की गई। क्लीनिक के साथ चिकित्सक के घर से भी हजारों की संख्या में प्रतिबंधित नशीली दवाइयां बरामद हुई हैं। क्लीनिक और चिकित्सक के नगरोटा बगवां स्थित उसके घर में देर रात तलाशी अभियान चलाया गया।
इस दौरान 5983 टैबलेट, 940 कैप्सूल, 53 इंजेक्शन और 107 बोतल कफ सिरप बरामद किया गया है। उधर, एसपी कांगड़ा संजीव गांधी ने बताया कि सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त आयुर्वेदिक चिकित्सक के खिलाफ 22 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। डीएसपी सुरिंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी चिकित्सक से प्रतिबंधित नशीली दवाओं के स्रोतों और बिक्री के बारे में पूरी जानकारी हासिल की जाएगी। उसके बैंक खातों और संपत्ति भी जांच की जाएगी।