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शहरों में बूचड़खाने बंद हुए तो गांव में कटने लगे जानवर, दो आरोपी गिरफ्तार

Mon, 24 Apr 2017 07:12 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 24 Apr 2017 07:12 PM IST
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illegal slaghterhouse catched in kanpur dehat
कानपुर के चाौबेपुर में पकड़ा गया अवैध स्लाॉटरहाउस
शहरों में बिक रहा मीट गांवों से आ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध तौर पर जानवरों की स्लॉटरिंग हो रही है। कानपुर के चौबेपुर में रविवार को पुलिस ने बिना लाइसेंस चल रहे बूचड़खाने को बंद कराया। एक महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मौके से डेढ़ क्विंटल गोश्त बरामद किया गया है। दोनों के खिलाफ पशु क्रू्रता और अवैध बूचड़खाना चलाने वाली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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अमर उजाला ने समय समय पर गांवों में चल रहे अवैध बूचड़खानों के बारे में खबरें प्रकाशित की हैं। इन गांवों से ही शहर में मीट कारोबारियों और होटल संचालकों को मीट की अवैध रूप से तस्करी हो रही है। थाना प्रभारी भास्कर मिश्रा ने पुलिस के साथ कसौड़ा मोहल्ले में मुखबिरों की सूचना पर छापेमारी की। पुलिस के  आते ही कई लोग मौके से भाग निकले। दो लोगों को पकड़ लिया गया। शफीक व रेशमा को पुलिस ने हिरासत में लिया है। एसओ ने बताया कि बरामद किया गोश्त प्रतिबंधित पशु का नहीं है। स्लॉटरिंग बंद होने के बाद जानवरों की कटान करना कानून का उल्लंघन था।
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उधर शहर में रविवार को अध‌िकतर मीट कारोबारियों की दुकानें खुली रहीं। यहां से बकरे के गोश्त की बिक्री होती रही। चमनगंज में अजमेरी चौराहे पर नईम, मेराज, हाजी शेरा चौराहा पर रशीद की दुकान और नाला रोड पर कई दुकानें खुली रहीं। इन कारोबारियों का कहना है कि इन्होंने नगर निगम से मीट बेचने का लाइसेंस बनवाया है लेकिन बकरे की स्लॉटरिंग की जानकारी नहीं दे रहे हैं।
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