लखनऊ: लगातार तीसरे दिन मांझे से कटी गर्दन, पीआरवी ने बचाई जान
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लखनऊ में लगातार तीसरे दिन मांझे से हादसे की घटना सामने आई है। सोमवार को गोसाईंगंज के तिकोनिया मऊ में मांझे से घायल सचिन की जान पुलिस की सतर्कता से बच गई। वह घायल सड़क पर तड़प रहा था।
सूचना पर पीआरवी 2768 तत्काल उसे सीएचसी ले गई, जहां से उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। मालूम हो कि इससे पहले शनिवार को पॉलीटेक्निक फ्लाईओवर पर डीसीपी महिला अपराध के कार्यालय में तैनात सिपाही प्रीती राजपूत की मांझे से गर्दन से कट गई थी।
रविवार को भी फ्लाईओवर पर सिपाही विशाल सिंह की मांझे से गर्दन कट गई थी। प्रभारी निरीक्षक गोर्साइंगंज धीरेंद्र प्रताप कुशवाहा के मुताबिक, आशीष यादव नाम के युवक ने कंट्रोल रूम को सूचना दी कि खजुआ तिकोनिया मऊ निवासी रामकुमार का बेटा सचिन की गर्दन मांझे से कट गई है।
पीआरवी 2768 मौके पर पहुंची। कमांडर हनुमान प्रसाद यादव, सब कमांडर अनिल कुमार सिंह व राजकमल यादव और पायलट सुधीर शाह की टीम सचिन को सीएचसी ले गई, जहां प्राथमिक उपचार कर ट्रॉमा रेफर कर दिया गया। फिलहाल वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
पतंग उड़ाई तो मेट्रो स्टाफ देगा पुलिस को सूचना
मेट्रो लाइन के आसपास अब अगर पतंग उड़ती हुई दिखी तो इसकी सूचना तुरंत यूपी मेट्रो का स्टाफ पुलिस को 112 पर कॉल करके देगा। प्रवक्ता पुष्पा बेल्लानी का कहना है कि पूर्व में एफआईआर कराने के बाद पतंगबाजी कम हुई है।
इसे पूरी तरह बंद करने के लिए अब पुलिस को सूचना देने का फैसला हुआ है। यूपीएमआरसी द्वारा आगाह करने के बावजूद भी मेट्रो कॉरिडोर के नजदीक पतंगबाजी के मामले सामने आ रहे थे।