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स्टाफ नर्स ने जिला अस्पताल से भगाया, गेट बाहर सड़क पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म

Thu, 14 Jun 2018 08:18 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी Updated Thu, 14 Jun 2018 08:18 AM IST
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woman gave birth to a child outside district hospital
प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल ले जाते परिजन - फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी के जिला महिला अस्पताल ने एक बार फिर से शर्मसार किया है। स्टाफ नर्स ने प्रसव के लिए आई महिला को यह कहकर भगा दिया कि उसके प्रसव में अभी देरी है, लेकिन बाहर जाते ही महिला ने सड़क पर बच्चे को जन्म दे दिया। 
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थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव नगला कोंडर निवासी जितेंद्र ने अपनी पत्नी रेखा को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उसके अनुसार उसकी पत्नी को भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन बुधवार सुबह तक कोई उपचार नहीं दिया गया। 
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जब इस संबंध में यहां तैनात स्टाफ नर्स से जितेंद्र ने बात की तो उन्होंने कह दिया कि अभी उसे दर्द तक नहीं हो रहा है। अभी ले जाओ बाद में लाना। इस पर परिजन उसे एक निजी डॉक्टर के यहां ले जा रहे थे। 
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सड़क पर दिया बच्चे को जन्म

जैसे ही परिजन उसे लेकर जिला महिला अस्पताल से 10 मीटर की दूरी पर पहुंचे। रेखा को सड़क पर ही प्रसव होने लगा। रेखा के साथ मौजूद उसकी देवरानी गीता और सास ने उसका सड़क किनारे ही प्रसव कराया। 

रेखा के प्रसव की सूचना जैसे ही अस्पताल में तैनात स्टाफ को लगी तो उसके साथ आई आशा सुधा देवी को स्ट्रेचर लेकर बाहर भेजा गया। जच्चा और बच्चा दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।     

रेखा की सास का कहना था कि अस्पताल में तैनात नर्सों ने रेखा की देखभाल तो नहीं की। नर्सें कह रही थीं कि वो गूंगी है तो बच्चे क्यों पैदा करती है। नर्सों की इस बात पर परिजनों ने नाराजगी जाहिर की है। 

सीएमएस ने किया स्टाफ का बचाव

वहीं प्रभारी सीएमएस डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि रेखा मंगलवार से ही अस्पताल में भर्ती थी। उसके परिजन बिना किसी को जानकारी दिए उसे अस्पताल से बाहर ले गए। इसके चलते उसे प्रसव हो गया। इसमें परिजनों की लापरवाही है। 

अस्पताल में स्टाफ की कमी है। ऐसे में जो स्टाफ तैनात है वो प्रसव में व्यस्त रहता है। यदि किसी मरीज के परिजन ही उसे बाहर ले जाते हैं तो इसमें स्टाफ क्या कर सकता है। फिर भी मामल की जांच की जाएगी।
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