{"_id":"57d2a24a4f1c1b3d3b31ad11","slug":"rahul-gandhi-did-not-visit-ram-mandir-in-ayodhya","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या जाकर भी नहीं किए दर्शन, क्या रामलला से रूठे हैं राहुल?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या जाकर भी नहीं किए दर्शन, क्या रामलला से रूठे हैं राहुल?
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 10 Sep 2016 02:24 AM IST
विज्ञापन
राहुल गांधी
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को राम के शहर अयोध्या में थे लेकिन उन्होंने रामलला के दर्शन नहीं किए। सुबह 10:05 पर वह हनुमानगढ़ी पहुंचे और वहां पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने महंत ज्ञानदास से बातचीत की और सीधे फैजाबाद के लिए निकल गए। राम मंदिर के मामले में उन्होंने महंत ज्ञानदास से बस इतना ही कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला होगा कांग्रेस उसके साथ खड़ी होगी।
राहुल की इस यात्रा के दौरान सबकी नजरें इसी बात पर टिकी थीं कि राहुल विवादित परिसर में विराजमान रामलला के दर्शन के लिए जाएंगे या नहीं। लेकिन हनुमानगढ़ी से सीधे फैजाबाद जाकर राहुल ने सारे कयासों को विराम दे दिया। राहुल के राम जन्मभूमि दर्शन के लिए न पहुंचने का वहां के पुजारियों को भी काफी मलाल रहा।
बता दें कि 1990 में सद्भावना यात्रा के दौरान राजीव गांधी भी हनुमानगढ़ी जाने वाले थे, लेकिन व्यस्त शेड्यूल के चलते वह वहां नहीं जा पाए थे। इसके पहले सत्ता से बेदखल होने पर इंदिरा गांधी ने गुलाबबाड़ी मैदान में जनसभा के बाद फैजाबाद में रात्रि विश्राम किया था, तो सुबह निकलने से पहले हनुमानगढ़ी में पूजन करना नहीं भूली थीं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी कई बार फैजाबाद तक आई हैं लेकिन बाबरी विध्वंस के बाद वह अयोध्या नहीं गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
राहुल की इस यात्रा के दौरान सबकी नजरें इसी बात पर टिकी थीं कि राहुल विवादित परिसर में विराजमान रामलला के दर्शन के लिए जाएंगे या नहीं। लेकिन हनुमानगढ़ी से सीधे फैजाबाद जाकर राहुल ने सारे कयासों को विराम दे दिया। राहुल के राम जन्मभूमि दर्शन के लिए न पहुंचने का वहां के पुजारियों को भी काफी मलाल रहा।
विज्ञापन
बता दें कि 1990 में सद्भावना यात्रा के दौरान राजीव गांधी भी हनुमानगढ़ी जाने वाले थे, लेकिन व्यस्त शेड्यूल के चलते वह वहां नहीं जा पाए थे। इसके पहले सत्ता से बेदखल होने पर इंदिरा गांधी ने गुलाबबाड़ी मैदान में जनसभा के बाद फैजाबाद में रात्रि विश्राम किया था, तो सुबह निकलने से पहले हनुमानगढ़ी में पूजन करना नहीं भूली थीं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी कई बार फैजाबाद तक आई हैं लेकिन बाबरी विध्वंस के बाद वह अयोध्या नहीं गईं।
विज्ञापन
कांग्रेस शासनकाल में खुला था ताला
डेमो पिक
राजीव गांधी के अयोध्या जाने के 26 साल बाद राहुल गांधी वहां पहुंचे थे। गौरतलब है कि कांग्रेस के शासन काल में 1986 में मुख्यमंत्री वीरबहादुर सिंह ने राम जन्मभूमि का ताला खुलवा कर रामलला के दर्शन-पूजन की बाधा दूर की थी। ऐसे में राम जन्मभूमि मामले से जुड़े लोगों और पुजारियों को राहुल गांधी से काफी उम्मीदें थीं।
बता दें कि हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि मंदिर के बीच ज्यादा दूरी नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस के अनुभवी नेताओं की सलाह पर राहुल ने वहां न जाना ठीक समझा क्यों उनके वहां जाने से लोगों का ध्यान उनकी यात्रा के बजाय राम मंदिर पर सिमट जाता।
बता दें कि हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि मंदिर के बीच ज्यादा दूरी नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस के अनुभवी नेताओं की सलाह पर राहुल ने वहां न जाना ठीक समझा क्यों उनके वहां जाने से लोगों का ध्यान उनकी यात्रा के बजाय राम मंदिर पर सिमट जाता।