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बेटियों की कामयाबी के लिए एक पहर का ही खाना खा रहा परिवार

Tue, 21 Aug 2018 10:28 AM IST
संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर) Updated Tue, 21 Aug 2018 10:28 AM IST
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priyanka negi and ritu negi is participating in asian games 2018

एशियन गेम्स में देश के लिए पसीना बहा रहीं रितु नेगी और प्रियंका नेगी के माता-पिता बेटियों की कामयाबी के लिए एक पहर का भोजन कर रहे हैं। वे अपने-अपने कुल देवता से प्रार्थना कर रहे हैं कि उनकी बेटियां देश के लिए गोल्ड मेडल लेकर आएं।

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रितु के माता-पिता रोज कुल देवता म्हासू महाराज की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। कहते हैं कि बेटी मेडल लाई तो रितु नेगी के साथ उत्तराखंड स्थित म्हासू महाराज के दर्शन करने जाएंगे। अपने ईष्ट देवता गुग्गा पीर की आस्था में परिवार हर रोज एक पहर का भोजन कर रहा है।
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31 अगस्त को यह परिवार जागरण भी करवा रहा है।सिरमौर जिले के अति दुर्गम क्षेत्र शिलाई से ताल्लुक रखने वाली दोनों कबड्डी खिलाड़ियों के एशियन गेम्स में प्रदर्शन पर माता-पिता को गर्व है। 

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परिजनों ने बेटियों के लिए मांगी मन्नत

priyanka negi and ritu negi is participating in asian games 2018

 सोमवार को रितु नेगी ने पांच टैकल प्वाइंट लेकर इंडोनेशिया की टीम का हौसला तोड़ दिया। रितु के पिता भवान सिंह ने बताया कि वे बेटी की कामयाबी को लेकर आश्वस्त हैं। बेटियां देश के लिए गोल्ड मेडल लेकर आएं, इसके लिए हर रोज कुल देवता से प्रार्थना कर रहे हैं।

इसके लिए मन्नत भी मांगी है। वहीं, प्रियंका नेगी के पिता कंवर सिंह नेगी ने बताया कि बेटी की कामयाबी के लिए उन्होंने पत्नी सुनीता सहित इन दिनों व्रत रखा है। वे एक पहर ही भोजन कर रहे हैं। 31 अगस्त को गुग्गा पीर की आस्था में जागरण करवाया जा रहा है। 

हिमाचल सरकार ने रितु को नहीं दिया इनाम

priyanka negi and ritu negi is participating in asian games 2018

रितु नेगी भारतीय टीम की डिफेंडर हैं, लेकिन हिमाचल सरकार ने अभी तक उनके लिए खास नहीं किया। वे भारतीय रेलवे में सेवाएं दे रही हैं। हिमाचल सरकार ने रितु को नौकरी नहीं दी है। पिता भवान सिंह पेशे से जेबीटी हैं।

उन्होंने कहा कि बेटी ने 14 मेडल जीते हैं। 2011 में वे भारतीय कबड्डी टीम की कप्तान भी रही हैं। यदि अपने प्रदेश में नौकरी मिले तो वे हिमाचल की टीम से खेलते हुई राज्य का नाम रोशन कर सकती हैं। 

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