शिमला: रिश्वत मामले में आयकर अधिकारी से सात घंटे पूछताछ, आज फिर बुलाया
जांच के दौरान शिकायत के सत्यापन में तैयार डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर (डीवीआर) की ऑडियो क्लिप और मामले से जुड़ी कथित कॉल रिकॉर्डिंग को पूछताछ का प्रमुख आधार बनाया गया।
विस्तार
रिश्वत मामले में हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद मंगलवार को सीबीआई के सामने पेश हुए आयकर अधिकारी से जांच एजेंसी ने ऑडियो क्लिप और कथित कॉल रिकॉर्डिंग को लेकर करीब सात घंटे पूछताछ की। सुबह 11:30 बजे वकील के साथ सीबीआई दफ्तर पहुंचे अधिकारी से शाम 6:30 बजे तक भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने आमने-सामने सवाल-जवाब किए। जांच के दौरान शिकायत के सत्यापन में तैयार डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर (डीवीआर) की ऑडियो क्लिप और मामले से जुड़ी कथित कॉल रिकॉर्डिंग को पूछताछ का प्रमुख आधार बनाया गया। आयकर अधिकारी को बुधवार दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अधिकारी के खिलाफ सीबीआई की ओर से गैर-जमानती वारंट जारी करने की प्रक्रिया के बीच अधिकारी मंगलवार को पूछताछ में शामिल हुआ।
जांच एजेंसी ने केस में अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर अधिकारी से जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार नोटिस जारी करने से लेकर बाद में मामले के निपटारे तक हुई बातचीत और घटनाक्रम को लेकर उनकी भूमिका पर भी सवाल किए गए। पूछताछ में तकनीकी और मामले में हुई कार्रवाई दोनों पहलुओं को शामिल किया गया। सूत्रों के अनुसार शिकायत के सत्यापन के दौरान तैयार डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर (डीवीआर) की ऑडियो क्लिप और कथित कॉल रिकॉर्डिंग को भी पूछताछ का आधार बनाया गया। सीबीआई ने अधिकारी से इन रिकॉर्डिंग में सामने आई बातचीत और मामले से जुड़े घटनाक्रम के बारे में स्पष्टीकरण मांगा। जांच टीम ने यह जानने का प्रयास किया कि नोटिस जारी करने और बाद में मामले के निपटारे को लेकर हुई चर्चाओं में अधिकारी की क्या भूमिका थी। अधिकारी के जवाबों का अब तक जुटाए गए डिजिटल साक्ष्यों से मिलान किए जाने की बात भी जांच से जुड़े सूत्रों ने कही है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जांच में हुए शामिल
पूछताछ के दौरान सीबीआई ने 12 सितंबर के बाद अधिकारी की गतिविधियों की जानकारी भी ली। सूत्रों के अनुसार एफआईआर दर्ज होने के बाद से अब तक उनके मूवमेंट की पूरी टाइमलाइन पूछी गई। उनसे यह बताने को कहा गया कि इस अवधि में वह कहां-कहां रहे और किन स्थानों पर गए। जांच टीम ने फरारी के दौरान उनके संपर्क में रहे लोगों के बारे में भी जानकारी मांगी। गिरफ्तारी से बचने के लिए आयकर अधिकारी ने हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए जांच में शामिल होने का आदेश दिया था। इसी आदेश के तहत वह मंगलवार को सीबीआई के समक्ष पेश हुए। उनके साथ वकील भी मौजूद रहे। अब अक्तूबर में हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर अगली सुनवाई प्रस्तावित है। मंगलवार को करीब सात घंटे चली पूछताछ में दर्ज किए गए बयानों और सामने आए तथ्यों को सीबीआई अपनी जांच का हिस्सा बनाएगी। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर एजेंसी हाईकोर्ट में अपना पक्ष और स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी।