{"_id":"5a2a2bb44f1c1b74698c085a","slug":"police-arrested-one-prisoner-absconded-from-kanda-jai-shimla","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कंडा जेल से फरार कैदियों के मामले में पुलिस को मिली बड़ी सफलता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंडा जेल से फरार कैदियों के मामले में पुलिस को मिली बड़ी सफलता
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आदर्श जेल कंडा शिमला से तीन विचाराधीन कैदियों के फरार होने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दरअसल तीन दिन पहले कंडा जेल से अंडर ट्रायल तीन कैदी फरार हुए थे।
विज्ञापन
अब पुलिस ने इनमें से एक कैदी को पकड़ने में सफलता पाई है। पुलिस की टीम ने इसे सायरी के जंगलों से पकड़ा है। पकड़े गए कैदी का नाम प्रेम बहादुर है। ऐसे में दो अन्य फरार कैदियों को भी जल्द पकड़े जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
विज्ञापन
पुलिस के खोजी दल ने उसे देर रात पकड़ा है। एसपी सौम्या सांबसिवन अपनी टीम के साथ खुद खोजबीन में जुटी हुई थी और टीम को लीड करते हुए उन्होंने एक कैदी को पकड़ने में सफलता पाई।
विज्ञापन
ऐसे पकड़ा गया कैदी
एक कैदी को पकड़ने के बाद टीम को उम्मीद है कि अन्य दोनों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक पुलिस की टीम चप्पे-चप्पे को छानते हुए आगे बढ़ रही थी और वह जंगल को खंगाल रही थी और सायरी पहुंचने पर टीम ने एक स्थान पर जंगल में दबिश दी और वहां से इसे पकड़ लिया।
गौर हो कि आदर्श जेल कंडा से मंगलवार और बुधवार की मध्य रात्रि तीन कैदी फरार हो गए थे। इनमें से दो कैदी रेप के मामले में और एक मर्डर के केस में वहां बंद थे।
इनमें लीलाधर नामक अंडर ट्रायल कैदी हत्या के मामले में एक अक्टूबर 2015 से कंडा जेल में बंद था, जबकि प्रताप सिंह एक बच्ची से बलात्कार के जुर्म में जेल में था। वहीं, प्रेम बहादुर भी रेप के आरोप में 16 जुलाई 2015 से कंडा जेल में बंद था।
गौर हो कि आदर्श जेल कंडा से मंगलवार और बुधवार की मध्य रात्रि तीन कैदी फरार हो गए थे। इनमें से दो कैदी रेप के मामले में और एक मर्डर के केस में वहां बंद थे।
इनमें लीलाधर नामक अंडर ट्रायल कैदी हत्या के मामले में एक अक्टूबर 2015 से कंडा जेल में बंद था, जबकि प्रताप सिंह एक बच्ची से बलात्कार के जुर्म में जेल में था। वहीं, प्रेम बहादुर भी रेप के आरोप में 16 जुलाई 2015 से कंडा जेल में बंद था।