चार अप्रैल को शपथ ले सकतीं हैं महबूबा मुफ्ती
- मंत्रिमंडल पर फंसा पेच, मामला अमित शाह के दरबार पहुंचा
- भाजपा बराबरी पर तो पीडीपी पुराने फार्मूले पर अड़ी
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रियासत में चार अप्रैल को नई सरकार का शपथ समारोह संभव है। पीडीपी के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो महबूबा मुफ्ती चार अप्रैल को शपथ ले सकतीं हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली से पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के आने का इंतजार है।
उनकी वापसी सुनिश्चित होने के बाद शपथ ग्रहण समारोह की तिथि की घोषणा कर दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि महबूबा रियासत की पहली मुख्यमंत्री होने के साथ ही देश की पहली मुस्लिम महिला मुख्यमंत्री भी होंगी। हालांकि, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा ने चार अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होने के संबंध में किसी तरह की जानकारी होने से इनकार किया।
वहीं, पीडीपी-भाजपा के बीच मंत्रालयों के पेच का मसला फिलहाल उलझा ही हुआ है। अब यह मसला भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दरबार तक पहुंच गया है। दरअसल, पीडीपी पुराने फार्मूले पर ही मंत्रालयों के बंटवारा चाहती है।
भाजपा बराबरी पर तो पीडीपी पुराने फार्मूले पर अड़ी
जबकि भाजपा इस बार मंत्रिमंडल में पीडीपी की बराबरी के अलावा गृह, योजना और पर्यटन विभाग भी चाहती है। इसके चलते ही सरकार बनाने का दावा पेश करने के तीसरे दिन भी शपथ ग्रहण की तिथि तय नहीं हो पाई। सूत्रों ने बताया कि प्रदेश भाजपा की ओर से इस मामले से राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को अवगत करवा दिया गया है।
भाजपा नेताओं का दावा है कि राज्य विधानसभा में भाजपा और पीडीपी की सीटें बराबर हैं। मुख्यमंत्री पद पीडीपी के पास है। ऐसे में भाजपा नेताओं का मानना है कि उनके दल को मंत्रिमंडल में पीडीपी के बराबरी का हिस्सा मिलना चाहिए। पीडीपी-भाजपा नेताओं में इसपर चर्चा का दौर भी जारी है।
पीडीपी सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग भी नई दिल्ली में हैं और भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना दो अप्रैल को जम्मू आएंगे। यहां वह प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी की बैठक का विधिवत उद्घाटन करेंगे। साथ ही राम माधव की महबूबा मुफ्ती से मुलाकात भी संभव है।