एमसी का शिकंजाः प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा तो ये कार्रवाई भुगतने को रहें तैयार
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शिमला शहर में करीब दो हजार ऐसे भवन मालिक हैं जिन्होंने तय समयसीमा के भीतर अपना टैक्स जमा नहीं करवाया। 31 अक्तूबर यानी मंगलवार टैक्स जमा करने का आखिरी दिन था। लेकिन ये भवन मालिक टैक्स जमा करवाने नहीं पहुंचे।
निगम की टैक्स शाखा के अनुसार इन दो हजार भवन मालिकों से करीब पांच करोड़ रुपये टैक्स वसूला जाना है। शहरवासियों को एक अप्रैल से 31 अक्तूबर तक टैक्स जमा करवाने के लिए कहा जाता है।
आखिरी तारीख तक जो भवन मालिक टैक्स नहीं भरते उन्हें एक नवंबर से पांच फीसदी पेनल्टी लगाई जाती है। इसके अलावा एक फीसदी ब्याज भी देना होता है। ब्याज प्रतिमाह के हिसाब से बढ़ता जाता है।
यदि कोई व्यक्ति दिसंबर में टैक्स जमा करवाता है तो उसे पांच फीसदी पेनल्टी के अलावा नवंबर-दिसंबर दो माह का एक-एक फीसदी ब्याज भी चुकाना पड़ता है। शिमला शहर में करीब 26 हजार संपत्तियां हैं, जिनसे प्रॉपर्टी टैक्स लिया जाता है।
सैकड़ों से वसूला जाएगा ब्याज और पेनल्टी
दो हजार डिफाल्टरों में सैकड़ों भवन मालिक ऐसे भी हैं, जिन्होंने कई सालों से टैक्स जमा नहीं करवाया। इनमें साल 2014-15 से लेकर टैक्स न भरने वालों के नाम भी शामिल हैं। इन्हें हर साल पांच-पांच फीसदी पेनल्टी तो लग ही रही है।
साथ में प्रतिमाह एक फीसदी ब्याज भी खाते में जुड़ रहा है। इन भवन मालिकों को अब टैक्स के साथ पेनल्टी और ब्याज के रूप में 35 फीसदी ज्यादा चुकाना होगा। यानी एक लाख टैक्स देने वाले भवन मालिक को एक लाख 35 हजार रुपये देने होंगे।
टैक्स न देने में सरकारी महकमे भी पीछे नहीं
टैक्स न देने वालों में सरकारी महकमे सबसे आगे हैं। एचआरटीसी और सीपीडब्ल्यूडी को ही अकेले करीब चार करोड़ रुपये टैक्स देना है। दोनों महकमे टैक्स सेटलमेंट को लेकर निगम से बात भी कर रहे हैं। वहीं, विधायक बलवीर वर्मा से भी 42 लाख वसूला जाना है। टैक्स जमा करवाने की तारीख खत्म होने से निगम अब इन्हें नोटिस जारी करेगा।
टैक्स न देने पर अटैच हो सकती है संपत्ति
तीन बार नोटिस जारी होने के बाद भी भवनमालिक टैक्स जमा नहीं करवाते हैं तो निगम उनकी संपत्ति अटैच कर सकता है। सेक्शन 124 के तहत निगम के पास ऐसी शक्तियां हैं, जिसके तहत संपत्ति अटैच की जा सकती है। हालांकि, आज तक निगम ने ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की है।
क्या कहते हैं आयुक्त
जिन लोगों ने तय समयसीमा के भीतर टैक्स नहीं दिया है, उनसे अब नियमानुसार टैक्स वसूली की जाएगी। निगम नोटिस जारी कर भवनमालिकों के खिलाफ कार्रवाई की भी तैयारी कर रहा है।-जीसी नेगी, नगर निगम आयुक्त