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मेयर, अफसरों के रुपये लेकर जांच अधिकारी भागा
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 14 Sep 2016 11:19 PM IST
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जांच पड़ताल नाटक का मंचन करते कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के खलासी लाइन स्थित महाराष्ट्र मंडल के गणेश महोत्सव में बुधवार को अनुकृति रंगमंडल ने ‘जांच पड़ताल’ नाटक का मंचन कर भ्रष्ट तंत्र पर प्रहार किया।
दिखाया गया कि एक शहर के मेयर गजेंदर बाबू को खबर मिलती है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के कामों की जांच-पड़ताल के लिए उच्चाधिकारियों की टीम बनाई है। इस पर मेयर साहब अफसरों की इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर जांच की बिन बुलाई मुसीबत से निजात पाने का उपाय खोजते हैं। संयोग से एक होटल में दिल्ली से आए एक युवक कुमार को मेयर साहब जांच अधिकारी समझ बैठते हैं। वह युवक को मेहमान बनाकर अपने घर ले जाते हैं। घर में मेयर की दूसरी पत्नी इमरती देवी और उनकी पहली पत्नी की बेटी के बीच युवक को पटाने की होड़ मच जाती है। कुछ लोग और व्यापारी अपनी समस्याएं लेकर युवक कुमार के पास पहुंच जाते हैं। मेयर, कई अफसरों और शिकायत करने आए व्यापारियों से लंबी रकम लेकर युवक कुमार रफूचक्कर हो जाता है, तब सबको हकीकत का पता चलता है। तभी मेयर का एक गुर्गा आकर बताता है कि आपके सभी ठिकानों पर पुलिस का छापा पड़ गया है, यह सुनकर मेयर दिल थामकर बैठ जाता है। निर्देशक डॉ. ओमेंद्र कुमार थे।
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दिखाया गया कि एक शहर के मेयर गजेंदर बाबू को खबर मिलती है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के कामों की जांच-पड़ताल के लिए उच्चाधिकारियों की टीम बनाई है। इस पर मेयर साहब अफसरों की इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर जांच की बिन बुलाई मुसीबत से निजात पाने का उपाय खोजते हैं। संयोग से एक होटल में दिल्ली से आए एक युवक कुमार को मेयर साहब जांच अधिकारी समझ बैठते हैं। वह युवक को मेहमान बनाकर अपने घर ले जाते हैं। घर में मेयर की दूसरी पत्नी इमरती देवी और उनकी पहली पत्नी की बेटी के बीच युवक को पटाने की होड़ मच जाती है। कुछ लोग और व्यापारी अपनी समस्याएं लेकर युवक कुमार के पास पहुंच जाते हैं। मेयर, कई अफसरों और शिकायत करने आए व्यापारियों से लंबी रकम लेकर युवक कुमार रफूचक्कर हो जाता है, तब सबको हकीकत का पता चलता है। तभी मेयर का एक गुर्गा आकर बताता है कि आपके सभी ठिकानों पर पुलिस का छापा पड़ गया है, यह सुनकर मेयर दिल थामकर बैठ जाता है। निर्देशक डॉ. ओमेंद्र कुमार थे।
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